भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश के ऋण भार में लगभग 45,000 करोड़ रुपये का इजाफा किया और सरकार द्वारा 600 करोड़ रुपये और जुटाने के फैसले पर सवाल उठाया। बिंदल ने कहा कि राज्य ने चालू वित्त वर्ष में उधार के माध्यम से पहले ही लगभग 4,800 करोड़ रुपये सुरक्षित कर लिए हैं और अब वह 7.78 प्रतिशत की ब्याज दर वाली और जून 2044 में परिपक्व होने वाली हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार की प्रतिभूतियों के पुन: निर्गमन के माध्यम से 600 करोड़ रुपये और जुटाने के लिए तैयार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक सुविधाओं में उचित सुधार के बिना ऋण का बोझ लगातार बढ़ता गया है। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि उधार ली गई धनराशि का कितना हिस्सा विकास कार्यों पर खर्च किया गया है और कितना प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने में लगा है।
बिंदल ने ग्रामीण सड़कों की हालत पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कई इलाकों में सड़कें खस्ता हालत में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों, चार लेन वाली सड़कों और अन्य सड़क परियोजनाओं के लिए केंद्र द्वारा दी गई वित्तीय सहायता पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रचार और जनसंपर्क पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। उन्होंने किशाऊ बांध परियोजना के प्रचार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर होर्डिंग्स और प्रचार सामग्री लगाई गई थी।
बिंदल ने कहा कि भाजपा अपने संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक उसे सक्रिय रखने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि यहां 171 विस्तारकों के लिए दो दिवसीय भाजपा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

