कांगड़ा जिले के मोल खुद क्षेत्र की कम से कम 12 पंचायतों के निवासी अवैध खनन के कारण कथित पर्यावरणीय गिरावट के विरोध में और नदी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए तत्काल उपायों की मांग को लेकर रविवार को एक दिवसीय शांतिपूर्ण भूख हड़ताल करेंगे।
यह विरोध प्रदर्शन ‘मोल खुद बचाओ अभियान’ के बैनर तले आयोजित किया जाएगा।
आज यहां मीडिया को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय राणा ने कहा, “भूख हड़ताल सन्हू ग्राम पंचायत के मोल खुद में सुबह 10 बजे शुरू होगी। यह अभियान ‘मोल खुद बचाओ, पर्यावरण बचाओ’ के नारे के तहत आयोजित किया जा रहा है और जनता से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की जाती है।”
राणा ने आगे कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य अधिकारियों का ध्यान भूजल स्तर में लगातार गिरावट, मिट्टी के कटाव, प्राकृतिक जल स्रोतों पर मंडरा रहे खतरे, पारिस्थितिक असंतुलन और क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता की ओर आकर्षित करना है। ग्रामीणों ने मोल खुद को एक बहुमूल्य पर्यावरणीय धरोहर बताया जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।
इस आंदोलन का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता बलवंत सिंह करेंगे। आयोजकों ने बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की सूचना जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और पुलिस को पहले ही दे दी गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
यह विरोध प्रदर्शन क्षेत्र में खनन गतिविधियों के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंता के बीच हो रहा है, जिसमें ग्रामीण जल संसाधनों और प्राकृतिक परिदृश्यों की रक्षा के लिए सख्त विनियमन और प्रभावी संरक्षण उपायों की मांग कर रहे हैं।

