गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयूएसटी), हिसार की कार्यकारी परिषद की 101वीं बैठक तथा विश्वविद्यालय न्यायालय की 36वीं बैठक मंगलवार को कुलपति कार्यालय के कमेटी हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति नरसी राम बिश्नोई ने की।
बैठक के दौरान लिए गए कई निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए कुलपति ने कार्यकारी परिषद और विश्वविद्यालय न्यायालय के सदस्यों को 2025-26 शैक्षणिक सत्र में शुरू किए जाने वाले नए शैक्षणिक कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। विश्वविद्यालय नियमित मोड में बीएससी (नर्सिंग), पोस्ट-बेसिक बीएससी (नर्सिंग) और एमए (संस्कृत) पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इसके अतिरिक्त, कामकाजी पेशेवरों के लिए शाम के सत्र में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में बीटेक और एमबीए पाठ्यक्रम पेश किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय अपने दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के माध्यम से 10 ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसमें गणित में एमएससी, हिंदी में एमए, अंग्रेजी में एमए, कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर, मास कम्युनिकेशन में बीए और मार्गदर्शन और परामर्श, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में डिप्लोमा शामिल हैं। विश्वविद्यालय 15 ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू करेगा जैसे कि जावा में सर्टिफिकेट, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) में सर्टिफिकेट, C&C++ का उपयोग करके डेटा स्ट्रक्चर, PHP, CSS के साथ HTML, डिजिटल फ्रीलांसिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, सूचना प्रौद्योगिकी (HS-CIT) (A), सूचना प्रौद्योगिकी, उन्नत टैली, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा, खुदरा प्रबंधन, पायथन और डेटा प्रविष्टि और डेटा प्रबंधन पाठ्यक्रम। ये पाठ्यक्रम हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोग से विश्वविद्यालय के दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित किए जाएंगे।
बिश्नोई ने परिषद को बताया कि चालू वर्ष के लिए विश्वविद्यालय का 415.82 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। हरियाणा सरकार ने विश्वविद्यालय के लिए 95 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।