उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने रविवार को कहा कि इस वर्ष राज्य में पर्यटकों की संख्या उम्मीद से कम रही है, जिसका होटल उद्योग पर भारी असर पड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया कि वे कुछ राहत पैकेज उपलब्ध कराएं जिससे होटल उद्योग को हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
आईएएनएस से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह वह समय है जब पर्यटन अपने चरम पर होना चाहिए था, लेकिन पर्यटकों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं है। परिणामस्वरूप, होटल उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दरअसल, मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करूंगा कि वे कुछ राहत पैकेज जैसे कर छूट उपलब्ध कराएं ताकि पर्यटन में कमी का खामियाजा भुगत रहे होटल उद्योग को कुछ राहत मिल सके।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में मौजूदा भाजपा सरकार ने चल रही चार धाम यात्रा के लिए उचित व्यवस्था नहीं की है। चार धाम तीर्थयात्रा की व्यवस्थाएं पहले ही बाधित हो चुकी हैं। राज्य सरकार खुद इस बात को लेकर असमंजस में है कि उसे कौन सी नीति अपनानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कभी यह क्षमता की बात करती है, तो कभी और तीर्थयात्रियों को आमंत्रित करती रहती है। कभी ऑनलाइन बुकिंग की बात करती है, तो कभी ऑफलाइन बुकिंग की। कोई स्पष्ट नीति नहीं है। हालांकि, इससे पहले आईएएनएस से बातचीत में उत्तराखंड के मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा था कि इस साल राज्य में उम्मीद से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने चार धाम यात्रा की है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीर्थयात्रियों की बढ़ी हुई संख्या का राज्य के पर्यटन क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा हुए हैं। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि राज्य प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए उचित व्यवस्था नहीं की है।
दिल्ली के मालवीय नगर में हुई भीषण अग्निकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है। इससे सभी राज्यों को सबक लेना चाहिए। उन्होंने दिल्ली पुलिस की इस बात के लिए आलोचना की कि उसने मैनेजर और संबंधित अधिकारियों के बजाय गेस्ट हाउस के शेफ को गिरफ्तार कर लिया।


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