पश्चिम बंगाल की हावड़ा पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए रामनवमी पर शोभायात्रा निकालने की अंजनी पुत्र सेना की अर्जी खारिज कर दी है। पुलिस ने यह कहते हुए इजाजत नहीं दी कि पिछले साल भी पुलिस ने शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी थी। अब पुलिस के खिलाफ अंजनी पुत्र सेना के लोग हाईकोर्ट जाने का मन बना रहे हैं।
अंजनी पुत्र सेना के सचिव सुरेंद्र कुमार वर्मा ने इस पूरे मामले पर गुरुवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात की।
उन्होंने पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते हुए पूछा, ” पुलिस प्रशासन रामनवमी पर शोभायात्रा को रोकने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह सवाल हावड़ा पुलिस से भी पूछना चाहिए कि आखिर क्यों हर साल हमें शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी जाती है? हमारा 15 साल का इतिहास इस बात का सबूत है कि हम बिना किसी को असुविधा पहुंचाए बड़ी संख्या में जुलूस को कितनी आसानी से, भव्यता से और शांतिपूर्वक तरीके से निकालते हैं। लेकिन, पुलिस द्वारा हमें इजाजत नहीं दी गई है।”
वर्मा ने पुलिस के इस फरमान के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, “पुलिस द्वारा कहा गया है कि जिस रूट से हम शोभायात्रा निकालना चाहते हैं उनमें कुछ जगह संवेदनशील है। पुलिस ने जो रूट हमें शोभयात्रा निकालने के लिए दिया है। हम उससे संतुष्ट नहीं है। हर साल जिस रूट पर शोभायात्रा निकाली जाती थी। इस साल भी उसी रूट पर धूमधाम से शोभायात्रा निकाली जाएगी। पुलिस के खिलाफ हम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि उन्हे कोर्ट से राहत जरूर मिलेगी। आगे बोले, ” पिछले साल जब पुलिस ने हमें इजाजत नहीं दी थी तो हमने कोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी। कोर्ट ने हमें शोभायात्रा निकालने की इजाजत दी थी और पुलिस को मुंह की खानी पड़ी थी। इस साल भी हम कोर्ट जाएंगे। उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा।”
सचिव सुरेंद्र कुमार वर्मा के मुताबिक इस बार शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण कुंभ आधारित झांकी होगी। उन्होंने कहा, ” कुंभ आधारित झांकी के साथ ही भगवा ध्वज, जो हमारा प्राथमिक प्रतीक है, को भी साथ लेकर चलेंगे। बंगाल की संस्कृति में महिलाओं की प्रमुख भूमिका को भी दर्शाया जाएगा। इसमें दक्षिण भारत से महिलाओं का एक बैंड भी भाग लेगा।”
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