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मैं एक आर्टिस्ट हूं, जो पेंटिंग की तरह फिल्म बनाता है: रवि उदयवार

I am an artist who makes films like paintings: Ravi Udyawar

22 फरवरी । सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर स्टारर हालिया रिलीज फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ के डायरेक्टर रवि उदयवार फिल्म को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने फिल्म के खास विजुअल टेक्सचर, कलर पैलेट और किरदार के पीछे की सोच को समझाया। निर्देशक का मानना है कि वह एक पेंटर हैं, जो कैनवस पर फिल्में बनाते हैं।

प्रमोशन के दौरान रवि उदयवार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हर फिल्म का अपना अलग कैनवस होता है और वे खुद को एक आर्टिस्ट मानते हैं, जो पेंटिंग की तरह फिल्म बनाते हैं। उन्होंने कहा, “अभिरुचि चंद ने कहानी और स्क्रीनप्ले लिखा है। हमने साथ में बहुत समय बिताया। फिल्म में इमोशनल उतार-चढ़ाव है। जैसे ही किरदार तय होते हैं, बहुत सी चीजें खुद-ब-खुद सही जगह पर आ जाती हैं।”

फिल्म की मुख्य थीम अंदरुनी कमियों को स्वीकार करने और खुद को वैसे ही दिखाने की है, जैसे हम असल में हैं। रवि उदयवार ने बताया, “आज की दुनिया में हमेशा अपना सबसे अच्छा पक्ष दिखाते हैं, कमी छिपाते हैं, लेकिन जिस पल आप अपनी असली कमी दिखाते हैं और कहते हैं ‘मैं यही हूं’, तभी असली कनेक्शन बनता है। डर खत्म होता है और सब कुछ आसान हो जाता है। इस विचार को फिल्म के विजुअल्स में भी दिखाया गया है।”

निर्देशक ने खास तौर पर किरदार के आउटफिट और रंगों के सफर पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “फिल्म में दिखाया गया है कि किरदार खुद को ढूंढते हुए कैसे आगे बढ़ते हैं। शुरुआत में उनके रंग अलग-अलग और फीके होते हैं। जैसे-जैसे वे अपनी असली पहचान पाते हैं, उनके खास रंग सामने आते हैं। प्यार में पड़ने पर ये रंग और ज्यादा खूबसूरत लगने लगते हैं। यह एक तरह से रंगों की खोज है, जो फिल्म में बहुत खूबसूरती से डिजाइन की गई है।”

‘दो दीवाने शहर में’ एक ऐसी फिल्म है जो प्यार, खुद को स्वीकार करने और शहर की रोमांटिकता को एक साथ बुनती है। फिल्म में मुंबई शहर को भी एक महत्वपूर्ण किरदार के रूप में पेश किया गया है। रवि उदयवार ने कहा, “मुंबई का हमेशा एक सॉफ्ट और रोमांटिक साइड रहा है। हमने शहर को कैरेक्टर की तरह इस्तेमाल किया है, जो कहानी को और गहराई देता है।”

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