N1Live Entertainment हर किरदार शिद्दत से निभाती हूं, फिल्म के विजन के अनुसार खुद को ढालती हूं: शीना चौहान
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हर किरदार शिद्दत से निभाती हूं, फिल्म के विजन के अनुसार खुद को ढालती हूं: शीना चौहान

I portray every character with deep dedication and mold myself according to the film's vision: Sheena Chohan.

अपकमिंग फिल्म ‘अर्जुनैन अल्लिरानी’ में ‘रानी’ का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री शीना चौहान ने कहा कि वह हर भूमिका को पूरी ईमानदारी और गहराई के साथ निभाने में विश्वास रखती हैं। उनके अनुसार, जब भी वह किसी प्रोजेक्ट को हां कहती हैं, तो वह पूरी तरह से उस किरदार की दुनिया में खुद को ढाल लेती हैं।

शीना चौहान ने बताया कि वह खुद को निर्देशक के विजन के अनुसार ढालती हैं और एक कलाकार के तौर पर खुद को “खाली पन्ने” की तरह मानती हैं, जिस पर निर्देशक अपनी कल्पना के अनुसार काम कर सके। उन्होंने कहा कि अभिनय के दौरान वह हर किरदार की भावनात्मक गहराई को समझने की कोशिश करती हैं ताकि दर्शक उससे जुड़ाव महसूस कर सकें।

फिल्म के लिए तैयारी के दौरान शीना इन दिनों स्टिक-फाइटिंग की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं। इसके साथ ही वह ग्रामीण तमिल संस्कृति, लोक कथाओं, भाषा और बोलियों को भी समझने पर ध्यान दे रही हैं ताकि अपने किरदार को अधिक वास्तविकता के साथ पेश कर सकें। वह अपनी तमिल भाषा पर भी लगातार काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी किरदार में ढलने के लिए वह पूरी तरह उस माहौल में डूब जाती हैं। उनके अनुसार, अभिनय सिर्फ संवाद बोलने का काम नहीं है, बल्कि किरदार की सोच और भावनाओं को जीने की प्रक्रिया है। इसी वजह से वह शूटिंग के दौरान कई बार सोशल मीडिया से दूरी बना लेती हैं ताकि उनका पूरा ध्यान किरदार पर केंद्रित रहे।

शीना चौहान ने यह भी बताया कि उनके लिए हर फिल्म एक सामूहिक दृष्टि का हिस्सा होती है, जिसमें कलाकार की जिम्मेदारी होती है कि वह निर्देशक के विजन का सम्मान करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह कई भूमिकाओं के लिए गहरे तरीके से तैयारी कर चुकी हैं। फिल्म संत तुकाराम में अपने किरदार के लिए उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के जीवन को करीब से देखा था। वहीं, द ट्रायल में काम करते समय उन्होंने चर्च के वातावरण और वहां के लोगों के व्यवहार को समझने के लिए समय बिताया था। इसके अलावा, पुलिस अधिकारी के किरदार के लिए उन्होंने एक महिला पुलिसकर्मी के कामकाज और अनुशासन को भी नजदीक से देखा था।

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