January 19, 2026
National

अगर मंदिरों में तोड़फोड़ से जुड़े वीडियो फर्जी हैं तो इसका प्रमाण दे यूपी सरकार: अब्बास हैदर

If the videos related to the vandalism of temples are fake, then the UP government should provide proof of it: Abbas Haider

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों में तोड़फोड़ से जुड़े फेक वीडियो वायरल होने के मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता पप्पू यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने पर सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अब्बास हैदर ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा नेता सुमित्रा महाजन ने भी इस विषय में बयान दिया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

सपा प्रवक्ता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि मणिकर्णिका घाट की पौराणिक और धार्मिक मान्यताएं हैं तथा यहां लोग मोक्ष प्राप्ति के लिए आते हैं। ऐसे में घाट पर होने वाले किसी भी विकास या नवीनीकरण कार्य में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तो किया जाए, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी भी पौराणिक मूर्ति या मंदिर के साथ छेड़छाड़ न हो।

अब्बास हैदर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी या अन्य विपक्षी दल विकास और नवीनीकरण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जो वीडियो और फोटो सामने आए हैं, वे वहां के संतों और साधुओं द्वारा साझा किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गंगाजी के मंदिर और अहिल्याबाई होलकर महारानी की मूर्ति को तोड़ा गया, जो कोई छिपी हुई बात नहीं है। इसके बावजूद यदि विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा नेता सुमित्रा महाजन ने भी इस विषय में बयान दिया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। क्या भाजपा सरकार को विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए किसी बहाने की जरूरत है। यह एक अहम सवाल है, जिसका जवाब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को देना चाहिए।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करते हुए अब्बास हैदर ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन तस्वीरों और वीडियो को एआई जनरेटेड बताया जा रहा है, उनकी जांच किस एआई लैब से कराई गई है। यदि सरकार यह दावा कर रही है कि सामग्री फर्जी है तो उसे इसके ठोस प्रमाण भी सार्वजनिक करने चाहिए। फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

मौनी अमावस्या के अवसर पर स्नान के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ मारपीट और उन्हें स्नान से रोके जाने के मामले पर भी सपा प्रवक्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ प्रशासन ने गलत व्यवहार किया और उनके शिष्यों की चोटी पकड़कर पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का वीडियो भी सामने आया है। अब्बास हैदर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं को संत बताते हैं, लेकिन शंकराचार्य के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल हिंदू समाज बल्कि पूरे देश की जनता को आहत करने वाला है। उन्होंने इस मामले में यूपी सरकार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

पश्चिम बंगाल में घुसपैठ रोकने के लिए फेंसिंग के मुद्दे पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्बास हैदर ने कहा कि भाजपा सरकार केवल झूठ फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में फेंसिंग का काम कहीं अधिक हुआ था, जबकि भाजपा सरकार के आने के बाद इसमें कमी आई है। भाजपा घुसपैठियों को भगाने के नारे तो लगाती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि सत्ता में आने के बाद से डेपुटेशन की प्रक्रिया भी पिछली सरकारों की तुलना में काफी कम रही है। घुसपैठ का मुद्दा भाजपा के लिए केवल नारा और चुनावी रणनीति का हिस्सा बनकर रह गया है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्बास हैदर ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के निमंत्रण पर भी सवाल उठाए, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भी बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत ऐसे किसी बोर्ड का हिस्सा बनना चाहेगा, जिसमें पाकिस्तान शामिल हो। भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए इस तरह के किसी भी प्रस्ताव पर बेहद सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत है।

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