जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले प्रधानमंत्री बनने पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि ऐसे समय में जब कुछ लोग लोकतंत्र का गला घोंटने के आरोप लगा रहे हैं, विपक्ष को यह याद रखना चाहिए कि प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए हैं, मनोनीत नहीं। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि यदि कोई ईमानदारी से काम करे और जनता के प्रति समर्पित रहे तो उसे भी लंबे समय तक सेवा करने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “ईर्ष्या-द्वेष में रहिएगा तो राजनीति में उच्च रक्तचाप का शिकार हो जाइएगा।”
मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से हुई मौतों पर नीरज कुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि तड़के करीब तीन बजे अस्पताल के आईसीयू में कथित तौर पर आग लग गई, जिससे वहां भर्ती गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ गई। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जेडीयू प्रवक्ता ने आगे कहा कि जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है और उसे जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। साथ ही, प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने और यह जांच करने के निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल में निर्धारित एसओपी का पालन किया गया था या नहीं। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के हालिया बयान पर भी नीरज कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति का बैताल और अहंकार ममता बनर्जी के सिर चढ़कर बोल रहा है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का यह कहना कि जो पार्टी में रहना चाहता है वह रहे और जो नहीं रहना चाहता वह जा सकता है, उनके अहंकार को दर्शाता है। नीरज कुमार ने दावा किया कि इसी कारण टीएमसी के मेयर और विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो एक दिन ऐसा भी आ सकता है जब उनके कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी और यहां तक कि उनके घर पर काम करने वाले लोग भी पार्टी और कार्यालय छोड़ने की बात कहने लगेंगे।

