चंबा के जिला श्रम एवं रोजगार विभाग ने न्यूनतम मजदूरी मानदंडों के उल्लंघन के बाद शिवालिक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (चिरचिंद-2) को 47 श्रमिकों की लंबित मजदूरी का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने विभाग की जांच के बाद मजदूरी भुगतान अधिनियम, 1936 की धारा 14 (4) के तहत आदेश जारी किया। जांच में पता चला कि कंपनी श्रमिकों को सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान नहीं कर रही थी। 24 जून, 2025 की अधिसूचना के अनुसार, एक अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मासिक मजदूरी 12,750 रुपये है। इसमें 25 प्रतिशत आदिवासी भत्ता और 10 प्रतिशत जल निकासी भत्ता जोड़ने पर कुल मजदूरी 17,212 रुपये प्रति माह हो जाती है।
अधिकारियों ने पाया कि 56 श्रमिकों के लिए प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड में से 47 को निर्धारित दर से कम भुगतान किया जा रहा था। 1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2026 की अवधि के लिए इन श्रमिकों का कुल बकाया 19,10,640 रुपये बनता है।
विभाग ने कंपनी को 10 दिनों के भीतर सभी बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। साथ ही, कंपनी को शेष 178 श्रमिकों के रिकॉर्ड सात दिनों के भीतर जमा करने को कहा गया है। श्रम कार्यालय ने कंपनी प्रबंधन को 9 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे अनुपालन रिपोर्ट के साथ तलब किया है। श्रम अधिकारी ने पाया कि कंपनी कानूनी प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रही है और रिकॉर्ड जमा करने में देरी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनुपालन न करने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

