केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चैला-नेरिपुल-यशवंत नगर-ओचघाट सड़क के लिए सीआरआईएफ के तहत 200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे सेब उत्पादकों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के बारे में विस्तृत चर्चा की तथा राज्य में सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की मांग की।
सुखु ने मंत्री जी को शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति से अवगत कराया, जिससे राज्य की राजधानी को आठ जिलों से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने पहाड़ी भूभाग और क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला से शालाघाट और भागेर से हमीरपुर के बीच के पैकेजों में अधिकतम सुरंगों के निर्माण का अनुरोध किया। उन्होंने चिलबहाल से भंगबार तक हमीरपुर बाईपास के अंतिम भाग और नए उत्तरी हमीरपुर बाईपास को कवर करने वाले चौथे पैकेज के चार लेन के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से भी मुलाकात की और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए केंद्रीय मंत्री से समर्थन मांगा तथा परियोजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता (अनुदान) की अपील की। उन्होंने कम दृश्यता की स्थिति में उड़ानों के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम दृश्यता मानदंड को मौजूदा 5 किमी से घटाकर 2.5 किमी करने हेतु विशेष दृश्य उड़ान नियमों को लागू करने का भी अनुरोध किया।
सुखु ने कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों को सीआईएसएफ के बजाय राज्य पुलिस को सौंपने पर भी चर्चा की। उन्होंने शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन का समय शाम 4 बजे तक बढ़ाने और चंडीगढ़ से शिमला और शिमला से चंडीगढ़ के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाने का भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को संबंधित अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करने और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य को पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया।

