ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की प्रेसिडेंट अलका लांबा ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस का “वोट चोर गड्डी छोड़” कैंपेन तब तक जारी रहेगा जब तक चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार को ऑफिस से हटाकर जेल नहीं भेज दिया जाता। शिमला में स्टेट कांग्रेस हेडक्वार्टर राजीव भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलका ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर 13 करोड़ से ज़्यादा वोटर्स को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों, खासकर महिलाओं को 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली में आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि रैली में 10 लाख से ज़्यादा लोगों के आने की उम्मीद है, जो “चलो दिल्ली, वोट चोर गद्दी छोड़, डेमोक्रेसी बचाओ, देश बचाओ” के नारे के साथ होगी। उन्होंने आगे कहा, “यह किसी एक पॉलिटिकल पार्टी की लड़ाई नहीं है, बल्कि डेमोक्रेसी और संविधान बचाने की लड़ाई है।”
अलका ने ज्ञानेश कुमार पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया और फॉर्म 6 में कथित बदलावों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि दो इलेक्शन कमिश्नरों ने 10 दिनों के अंदर कैबिनेट सेक्रेटरी के सामने 14 आपत्तियां उठाई थीं। उन्होंने CEC की नियुक्ति के लिए सिलेक्शन कमिटी से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को बाहर रखने की भी आलोचना की। उन्होंने CEC के इस्तीफे और गिरफ्तारी, उनके फैसलों की समीक्षा, SIR एक्सरसाइज को खत्म करने और EVM के बजाय बैलेट पेपर पर वापस लौटने की मांग की।

