N1Live National इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट देश के लिए गर्व की बात: शाहनवाज हुसैन
National

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट देश के लिए गर्व की बात: शाहनवाज हुसैन

India AI Impact Summit a matter of pride for the country: Shahnawaz Hussain

कांग्रेस सांसद शशि थरूर की ओर से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की सराहना किए जाने के बाद भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा कि भारत में इतना बड़ा एआई समिट हुआ, जैसा दुनिया में कहीं और नहीं हुआ। इस समिट की सफलता से भारत का नाम विश्वभर में गूंज रहा है। कई लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ कर रहे हैं, और शशि थरूर भी इसकी सराहना कर रहे हैं। थरूर उन कांग्रेसी नेताओं में हैं जो सच को सच कहते हैं और जो देशहित में है, उसकी खुलकर प्रशंसा करते हैं।”

बता दें कि कांग्रेस सांसद और सीडब्ल्यूसी सदस्य शशि थरूर ने चल रहे भारत एआई इम्पैक्ट समिट का बचाव करने के लिए अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाया है, मामूली कमियों को “छोटी गलतियां” बताते हुए इस आयोजन की वैश्विक सफलता के रूप में प्रशंसा की है।

वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “ऐसी घटनाएं बड़े कार्यक्रमों में हो सकती हैं। इन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोई जरूरत नहीं है। यह शिखर सम्मेलन जनभागीदारी के व्यापक पैमाने के कारण उल्लेखनीय है।”

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इस शिखर सम्मेलन को विपक्ष की आलोचना का भी सामना करना पड़ा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आयोजन में कथित अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ बैनर के तहत चीन निर्मित रोबोट के प्रदर्शन को लेकर भी आपत्ति जताई और इसे विरोधाभासी बताया।

इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट की ओर से चुनाव से पहले मुफ्त सुविधाओं पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गरीबों की सहायता करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “जो लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं और दिन में दो समय का भोजन भी नहीं जुटा पाते, उनकी मदद करना आवश्यक है। जब देश पूरी तरह विकसित हो जाएगा, तब इस तरह की सहायता की जरूरत कम हो जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे, न कि सक्षम या टैक्स देने वालों को मुफ्त चीजें दी जाएं।”

Exit mobile version