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भारत-मॉरीशस ने ऊर्जा साझेदारी मजबूत करने पर की चर्चा, तेल-गैस सहयोग के दो अहम समझौतों का आदान-प्रदान

India and Mauritius discussed strengthening their energy partnership and exchanged two key agreements on oil and gas cooperation.

भारत और मॉरीशस ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। भारतीय उच्चायोग ने रविवार को एक्स पर बताया कि बैठक के दौरान हरदीप सिंह पुरी ने मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा परिवर्तन (एनर्जी ट्रांजिशन) में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक के बाद दोनों देशों के बीच तेल और गैस सहयोग को लेकर सरकार-से-सरकार (जी-टू-जी) समझौता ज्ञापन (एमओयू) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) तथा मॉरीशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के बीच एक समझौते का आदान-प्रदान किया गया। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इन समझौतों के तहत मॉरीशस को पेट्रोल, डीजल, मरीन गैस ऑयल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।

हरदीप सिंह पुरी ने 20 से 22 अगस्त तक मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा की। इससे पहले पिछले सप्ताह मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव और राष्ट्रपति गोखूल ने भारत-मॉरीशस की लंबे समय से चली आ रही मित्रता का जश्न मनाया।

उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में पिछले एक वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिनमें उन्नत रणनीतिक साझेदारी, 68 करोड़ डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा, रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन और 100 ई-बसों का हस्तांतरण शामिल है। उन्होंने दोनों देशों की साझा उपग्रह परियोजना और ई-जुडिशियरी जैसी आगामी पहलों का भी जिक्र किया।

समारोह में प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, उपप्रधानमंत्री मैरी एरियन नवारे-मैरी, उपराष्ट्रपति रॉबर्ट हंगले, मुख्य न्यायाधीश रेहाना मंगली-गुलबुल, संसद अध्यक्ष शिरीन औमीरुद्दीन-चिफ्रा, मंत्री, सांसद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि और भारत के मित्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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