N1Live National इंडी गठबंधन के सांसदों ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध, छात्र और पूरा विपक्ष एकजुट
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इंडी गठबंधन के सांसदों ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध, छात्र और पूरा विपक्ष एकजुट

INDIA bloc MPs stated that the protest will continue until Dharmendra Pradhan resigns; students and the entire opposition are united.

नीट पेपर लीक मामले और पीएम नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (यूबीटी), झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए छात्र आंदोलनों के समर्थन का ऐलान किया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के वादे कभी पूरे नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को प्रभावित करने के लिए केवल दिखावटी कदम उठा रही है।

मसूद ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों और युवाओं के हित में काम करना चाहती है तो उसे शिक्षा ऋण माफ करना चाहिए और देश में शिक्षा को सस्ता बनाना चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने सरकार पर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया। उनका कहना था कि जब आंदोलन दबाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं और छात्र, विपक्ष तथा इंडी अलायंस लगातार सरकार पर दबाव बनाए रहे, तब सरकार बातचीत के लिए तैयार हुई।

कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने स्पष्ट कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रधानमंत्री उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर लेते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, लेकिन छात्र और विपक्ष सरकार की मंशा को समझ चुके हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं का विरोध उचित मांगों पर आधारित है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत की और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। जब तक सरकार ठोस पहल नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहना स्वाभाविक है।

इस बीच, सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने संतोष जताया। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक सांसदों ने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील पर हस्ताक्षर किए थे।

माजी ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की जरूरत है, जो हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों के लिए खड़े रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अस्पताल में वांगचुक से मिलने गई थीं, तब पुलिस प्रशासन ने उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उनकी पत्नी के माध्यम से अनशन समाप्त करने की अपील भेजी गई थी।

आरजेडी सांसद संजय यादव ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र केवल दिखावटी कदम उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर मामलों में सरकार दीर्घकालिक नीति बनाने के बजाय प्रतीकात्मक फैसले लेती है। यादव ने यह भी कहा कि नीट पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी सीबीआई अब तक मुख्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि छात्र, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पूरा विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है ताकि इस पूरे मामले में सरकार की जवाबदेही तय हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मूल मुद्दे से ध्यान हटाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।

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