पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को हमीरपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा महाकुंभ के छठे संस्करण के समापन दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
शिक्षा महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए विद्या भारती और आयोजकों की सराहना करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि शिक्षा, मूल्य, संस्कृति और समृद्धि एक विकसित राष्ट्र की नींव हैं।
उन्होंने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अब स्वदेशी रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए युवाओं को आधुनिक प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अनुसंधान और विकास के क्षेत्रों में आगे आना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, मूल्यों और सामाजिक सिद्धांतों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नई दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए ठाकुर ने कहा कि प्रदर्शन आयोजित करने वालों को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को आवश्यक जानकारी प्रदान करनी चाहिए। मतदाता सूची में संशोधन और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर कांग्रेस के रुख पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद ईवीएम पर सवाल उठाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने इन मुद्दों पर पार्टी के रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता, गरिमा, शिक्षा, आत्मसम्मान और मूल्य प्रत्येक व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से एक विकसित भारत के निर्माण और भारतीय संस्कृति, भाषाओं और राष्ट्रीय पहचान के प्रति गौरव को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

