समुद्र के बीच अचानक आई चिकित्सकीय आपात स्थिति में भारतीय सैन्य बलों ने समय पर कार्रवाई करते हुए एक विदेशी नागरिक की जान बचाई। अंडमान और निकोबार कमान ने 4 अक्टूबर की सुबह समुद्र में घायल हुए वियतनामी नागरिक को सुरक्षित निकालकर उसे आगे के उपचार के लिए ‘कैंपबेल बे’ पहुंचाया।
एएनसी कमांड के मुताबिक, वियतनामी नागरिक व्यापारी जहाज एमटी सन 09 पर सवार था। एक हादसे में यह विदेशी नागरिक घायल हो गया था। समुद्र में उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकीय सहायता और सुरक्षित निकासी की तत्काल जरूरत थी। सूचना मिलते ही अंडमान और निकोबार कमान ने बिना देर किए बचाव अभियान शुरू किया। नौसेना के समुद्री घटक का एक जहाज इंदिरा प्वाइंट के आसपास के क्षेत्र में पहुंचा। इसके बाद भारतीय सैन्य दल ने नौका के जरिए घायल व्यक्ति तक पहुंच बनाई। बिना देर किए जख्मी व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर जहाज पर लाया गया। जहाज पर ही उसे तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया।
चिकित्सकीय देखभाल के दौरान घायल व्यक्ति की जरूरी शारीरिक स्थितियों को देखते हुए आवश्यक सहायता दी गई। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से ‘कैंपबेल बे’ पहुंचाया गया, जहां उसे आगे के उपचार के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। समुद्र के बीच कठिन परिस्थितियों में किए गए इस त्वरित और समन्वित अभियान ने एक बार फिर अंडमान और निकोबार कमान की समुद्री सुरक्षा तथा संकट में फंसे लोगों की जान बचाने के प्रति प्रतिबद्धता को सामने रखा। समुद्र में किसी भी आपात स्थिति में समय पर सहायता और जीवन रक्षा को प्राथमिकता देने की भारतीय सैन्य बलों की भूमिका इस अभियान में भी साफ दिखाई दी।
गौरतलब है कि इस बचाव मिशन से करीब 24 घंटे पहले ही भारतीय तटरक्षक बल ने खराब मौसम और बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच एक 66 वर्षीय व्यक्ति को सही समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई थी। भारतीय तटरक्षक बल ने केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप प्रशासन तथा कोच्चि और कवरत्ती स्थित तटरक्षक जिला मुख्यालयों के समन्वय से यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। गंभीर रूप से बीमार इस व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हवाई निकासी अभियान चलाया।
रोगी को तत्काल मस्तिष्क एवं तंत्रिका संबंधी शल्य चिकित्सा की जरूरत थी। यही कारण रहा कि इस बुजुर्ग व्यक्ति को लगातार ऑक्सीजन सहायता की आवश्यकता थी। अगत्ती से मरीज को सुरक्षित तरीके से कोच्चि पहुंचाने के लिए कोच्चि स्थित तटरक्षक वायु प्रतिष्ठान से डोर्नियर विमान भेजा गया। गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और रास्ते में मौजूद मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद तटरक्षक दल ने अभियान को पूरी तत्परता के साथ अंजाम दिया। विमान में मरीज को लगातार ऑक्सीजन सहायता दी गई, जिससे उसकी स्थिति को संभालते हुए उसे आगे के जरूरी उपचार के लिए कोच्चि पहुंचाया जा सके।

