7 अप्रैल । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाजपा और आरएसएस को लेकर दिए गए एक विवादास्पद बयान को लेकर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। इस बयान को लेकर भाजपा ने जोरदार पलटवार करते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई करने तक की मांग की है।
बिहार भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, गैर-जिम्मेदाराना और देश की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के शीर्ष नेता से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष का बयान यह साबित करने के लिए काफी है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस तुष्टिकरण और समाज को बांटने की राजनीति से बाहर निकलना ही नहीं चाहती। इस प्रकार के बयान न केवल राजनीतिक मर्यादा को गिराते हैं, बल्कि समाज में अविश्वास और तनाव भी पैदा करने का काम करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आरएसएस और भाजपा को लेकर इस तरह के भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल पूरी तरह निंदनीय है। देश की जनता अब ऐसे विभाजनकारी एजेंडे को समझ चुकी है और इसका लोकतांत्रिक तरीके से मुंहतोड़ जवाब देगी। कांग्रेस को यह समझना होगा कि भारत की राजनीति नफ़रत, डर और भ्रम फैलाकर नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और राष्ट्रहित के मुद्दों पर चलती है। अगर वे इस स्तर की राजनीति करेंगे, तो जनता उन्हें लगातार नकारती रहेगी।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “यह बयान उनकी मोहब्बत की दुकान है या नफरत की जुबान। जनता ने जिसको तीन बार चुना है, उन्हें ‘जहरीला सांप’ कहना और मारने की बात करना, हिंसा फैलाने जैसा ही है। चुनाव में ये हिंसा को भड़काना चाहते हैं। कांग्रेस और मल्लिकार्जुन खड़गे इसे चुनाव नहीं ‘जिहाद’ के तौर पर देखते हैं। उनका यह बयान जिहाद के समर्थन का पर्याय है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को यह पता होना चाहिए कि भारत के मुसलमान ‘जिहाद’ नहीं ‘इत्तेहाद’ चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव में हिंसा फैलाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान से साफ है कि वे हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव आयोग को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक चुनावी रैली में आरएसएस और भाजपा को जहरीला सांप बताया और लोगों से उसे कुचलने की अपील की थी।


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