March 5, 2026
National

एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवान अलर्ट

Infiltration bid foiled along LoC, White Knight Corps personnel on alert

4 मार्च । लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया है। बुधवार की तड़के सुबह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के भीमबेर गली इलाके में संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। विश्वसनीय खुफिया इनपुट और लगातार निगरानी के आधार पर सेना पहले से अलर्ट थी। जैसे ही आतंकियों की मूवमेंट डिटेक्ट हुई, तुरंत कार्रवाई की गई।

सेना के मुताबिक, भीमबेर गली सेक्टर में तैनात सतर्क जवानों ने तेजी और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और समन्वित कार्रवाई के जरिए आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान एलओसी पर किसी भी तरह की सेंध नहीं लगने दी गई।

सूत्रों के अनुसार, इलाके में पहले से ही कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। ग्राउंड सर्विलांस के साथ-साथ हवाई निगरानी भी की जा रही थी, जिससे संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता चल सका। जैसे ही मूवमेंट कन्फर्म हुई, जवानों ने घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई शुरू की। तेज और सटीक ऑपरेशन की वजह से घुसपैठ की साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई।

सेना ने बताया कि ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके में डोमिनेशन बढ़ा दिया गया है। अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है और निगरानी और भी सख्त कर दी गई है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कोशिश को तुरंत रोका जा सके। सेक्टर में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।

इस कार्रवाई की जानकारी व्हाइट नाइट कोर ने बुधवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर दी और बताया, “4 मार्च 2026 की सुबह लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भीमबेर गली के आम इलाके में भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट और लगातार निगरानी के आधार पर आतंकवादियों की मूवमेंट का पता चला। जबरदस्त जवाब देते हुए और बेहतरीन टैक्टिकल एग्ज़िक्यूशन दिखाते हुए, व्हाइट नाइट कॉर्प्स के सतर्क सैनिकों ने तेजी से काम किया और घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया और एलओसी को तोड़ने से मना कर दिया। मिलकर जमीनी कार्रवाई करके दुश्मन के मंसूबों को असरदार तरीके से नाकाम कर दिया गया।

आगे बताया, “इलाके पर लगातार कब्जा पक्का करने के लिए अपने सैनिकों को फिर से तैयार किया गया है, जिसे इंटीग्रेटेड जमीनी और हवाई निगरानी से मदद मिली है। पूरे सेक्टर में मजबूत ऑपरेशनल पोजिशन और हाई अलर्ट लागू है।”

Leave feedback about this

  • Service