हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा कलेक्टर दरों के आधार पर संपत्ति कर लगाने का निर्णय भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (आईएनएलडी) को रास नहीं आया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने इसे ‘तुगलकी आदेश’ करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
नेता ने आगे चेतावनी दी कि यदि आदेश रद्द नहीं किया गया तो लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
चौटाला ने पहले कहा था कि नाममात्र का मकान कर लगता था, जिसे कांग्रेस शासन के दौरान संपत्ति कर में बदल दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने संपत्ति कर को कलेक्टर दरों से जोड़ दिया है, जिससे लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि नई प्रणाली के परिणामस्वरूप करदाताओं को पांच गुना अधिक कर चुकाना पड़ेगा। कलेक्टर दरों में वृद्धि के साथ-साथ संपत्ति कर में भी आनुपातिक वृद्धि होगी।
इसके अलावा, इमारत की हर मंजिल का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे कर देनदारी और भी बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब लोग महंगाई से जूझ रहे हैं, सरकार ने लोगों को “लूटने” का फैसला किया है।

