महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने के संबंध में सरकार ने आदेश जारी किया है। इसी शैक्षणिक वर्ष से महाराष्ट्र बोर्ड के स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न शुरू किया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार के स्कूलों में सीबीएसई शिक्षा पद्धति का पालन करने के बारे में भाजपा नेता प्रसाद लाड ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मेरा मानना है कि केंद्रीय शिक्षा प्रणाली को राज्य बोर्ड में एकीकृत करने के प्रयास पर सदन में चर्चा की गई। यह एक सराहनीय पहल है जो छात्रों के शैक्षिक ज्ञान को बढ़ाएगी, उन्हें आगे बढ़ने में मदद करेगी और शिक्षा प्रणाली को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी। मराठी को शामिल करने का राज्य सरकार का निर्णय अत्यधिक सराहनीय है और हम इस पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।”
वहीं, विपक्ष का कहना है कि सीबीएसई पाठ्यक्रम में महाराष्ट्र का अतीत बहुत अधिक गायब है। इस सवाल के जवाब में लाड ने कहा कि कांग्रेस ने 70 साल में ब्रिटिश और मुगलों का इतिहास बताया है। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा से चलती है। हम केंद्रीय शिक्षा प्रणाली की नीति में बदलाव लाने का काम कर रहे हैं। इसमें हिंदवी स्वराज्य और हमारे गौरवशाली इतिहास को शामिल करने का प्रयास है।
दिशा सालियान मामले पर सरकार का क्या रुख है? इस सवाल के जवाब में प्रसाद लाड ने कहा कि इस मामले में सरकार के रुख को हमने हाउस में बता दिया है। मामला कोर्ट में है। कोर्ट जो फैसला देगा, उसे हम मानेंगे। दिशा सालियान के पिता ने आरोप पांच साल पहले लगाए होते तो, शायद बेटी को पहले ही न्याय मिल चुका होता।
बता दें कि दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है और आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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