N1Live National अभ्युदय योजना भर्ती में गड़बड़ी पर गिरी गाज, संयुक्त निदेशक निलंबित, विभागीय जांच शुरू
National

अभ्युदय योजना भर्ती में गड़बड़ी पर गिरी गाज, संयुक्त निदेशक निलंबित, विभागीय जांच शुरू

Irregularities in Abhyudaya Yojana recruitment led to suspension of Joint Director and departmental inquiry initiated.

13 फरवरी । मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कोर्स कोऑर्डिनेटर पदों की चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं उजागर होने के बाद समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार बिसेन को निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

निलंबन अवधि के दौरान उन्हें निदेशालय से संबद्ध रखा जाएगा और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की एक गोपनीय शिकायत समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण को प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर कराई गई जांच में चयन प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम आगे भी उठाए जाएंगे। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों का मूल अभिलेखों से समुचित सत्यापन नहीं किया गया। इंटरव्यू और चयन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज विभागीय पत्रावली में उपलब्ध नहीं पाए गए। चयन प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित समितियों द्वारा साक्षात्कार एवं सत्यापन कराए जाने का कोई विधिवत रिकॉर्ड भी नहीं मिला।

इतना ही नहीं, संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर चयन की संस्तुति किए जाने से योजना की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा। बता दें कि 29 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में संचालित कोचिंग केंद्रों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कोर्स कोऑर्डिनेटरों की भर्ती में अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

जांच में पाया गया कि नियमानुसार कोर्स कोऑर्डिनेटर पद के लिए यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य था, इसके बावजूद कई अपात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति कर दी गई। 69 अभ्यर्थियों की जांच में मात्र 21 अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए। मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

Exit mobile version