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पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार को सत्ता से हटाना जरूरी, भाजपा करेगी लोकतंत्र बहाल : गिरिराज सिंह

It is necessary to remove the Trinamool government from power in West Bengal, BJP will restore democracy: Giriraj Singh

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की लड़ाई कोई सामान्य चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि आतंकवाद और लोकतंत्र के बीच संघर्ष है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को सत्ता से हटाना जरूरी है और भाजपा ही राज्य में लोकतंत्र को बहाल करेगी।

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भाजपा आतंकवाद और लोकतंत्र के बीच लड़ाई लड़ रही है। इस बार ममता बनर्जी की सरकार, जिस पर आतंकियों का समर्थन करने, तुष्टिकरण की राजनीति करने और बांग्लादेशी घुसपैठ को बढ़ावा देने के आरोप हैं, उसे सत्ता से हटाया जाएगा।”

उनके इस बयान को आगामी चुनावों से पहले भाजपा के आक्रामक रुख के रूप में देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा है और भाजपा ही एकमात्र विकल्प है जो बंगाल में व्यवस्था और लोकतंत्र को मजबूत कर सकती है।

इसी बीच, भाजपा विधायक पवन कुमार सिंह ने भी राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगातार राजनीति गरमाई हुई है और भ्रष्टाचार के मामलों में बार-बार सत्तारूढ़ दल का नाम सामने आ रहा है। पवन कुमार सिंह ने कहा, “अगर जनता खुश होती तो खुलकर अपनी बात रखती, लेकिन जनता की चुप्पी यह दिखाती है कि वे सरकार के खिलाफ हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि मतदाता पूरी तरह से राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और चुनाव से पहले अपना मन बना रहे हैं। चुनाव को लेकर लोग सब कुछ समझ रहे हैं और अपनी राय बना चुके हैं। मुझे लगता है कि इस बार बदलाव की पूरी संभावना है।

इसी दौरान, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों ने कोयला तस्करी से जुड़े एक मामले में छापेमारी और सबूत जब्त करने से एजेंसी के अधिकारियों को रोका। यह मामला राजनीतिक रणनीति बनाने वाली कंपनी आई-पैक से जुड़ा बताया जा रहा है।

ईडी ने यह कदम कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई स्थगित किए जाने के एक दिन बाद उठाया। एजेंसी का आरोप है कि आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया। आई-पैक आगामी अप्रैल तक होने वाले राज्य चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी को लेकर कोलकाता में दो अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है। राज्य पुलिस ने भी मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है।

इसके अलावा, पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दाखिल कर मांग की है कि ईडी की याचिका पर कोई भी आदेश सरकार का पक्ष सुने बिना न दिया जाए। इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है।

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