भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मैक्लोडगंज स्थित तिब्बती आध्यात्मिक नेता 14वें दलाई लामा के आवास पर उनसे मुलाकात की। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण माहौल, आपसी सम्मान और विभिन्न मुद्दों पर सार्थक चर्चाओं से परिपूर्ण रही।
इस संवाद के दौरान दलाई लामा ने भारत के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वे पिछले 66 वर्षों से यहां शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की धार्मिक विविधता, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है।
90 वर्षीय आध्यात्मिक नेता ने कहा, “भारत में धर्म और संस्कृति के प्रति जो स्वतंत्रता और सम्मान देखने को मिलता है, वह दुनिया के कई हिस्सों में दुर्लभ है।”
दलाई लामा ने आगे कहा कि भारत में रहने से उन्हें सच्ची खुशी और आंतरिक शांति का अनुभव हुआ है।
जगदीप धनखड़ ने इस मुलाकात को अपने जीवन का गौरवपूर्ण और यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दलाई लामा के साथ यह उनकी पहली व्यक्तिगत मुलाकात थी और उन्होंने दलाई लामा की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक अद्वितीय और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया, जिनके विचार और संदेश विश्वभर के लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

