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नशे के खिलाफ जम्मू-कश्मीर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 20 वरिष्ठ अधिकारी बने ‘जिला मेंटर’

Jammu and Kashmir administration takes major action against drug abuse, 20 senior officers appointed as 'district mentors'

10 अप्रैल । जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों के बढ़ते दुष्प्रभाव को खत्म करने के उद्देश्य से प्रशासन ने मुहिम को तेज कर दिया है। सरकार ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक अहम कदम उठाते हुए सभी जिलों में नशा विरोधी गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए 20 वरिष्ठ अधिकारियों को ‘जिला मेंटर’ नियुक्त किया है।

जम्मू-कश्मीर सरकार राज्य में लगातार हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी पर नजर रखे हुए थी, जिसके बाद इन्होंने इस अभियान को और तेज करने के लिए 20 वरिष्ठ अधिकारियों को ‘जिला मेंटर’ नियुक्त किया है। ये अधिकारी अपने-अपने जिलों में जागरूकता अभियानों, प्रवर्तन उपायों, नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और सामुदायिक सहभागिता की निगरानी करेंगे।

प्रशासन का उद्देश्य है कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एक समग्र और प्रभावी रणनीति लागू की जाए। इस पहल से न केवल नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन को भी बल मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि यह 100 दिवसीय अभियान जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

इसी क्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत आगामी 100-दिवसीय गहन अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य केंद्र शासित प्रदेश से नशे के दुरुपयोग को जड़ से समाप्त करना और समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक बनाना है।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जाए, जिसमें जागरूकता कार्यक्रमों, प्रवर्तन कार्रवाई और पुनर्वास सेवाओं को समान रूप से प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन का मानना है कि केवल कानून लागू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना आवश्यक है।

इस अभियान के तहत 11 अप्रैल को जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम से एक विशाल ‘पदयात्रा’ का आयोजन किया जाएगा, जिसे उपराज्यपाल स्वयं हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

इस पदयात्रा का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के खिलाफ एकजुट करना और एक सकारात्मक संदेश देना है। इसके अलावा मई के पहले सप्ताह में श्रीनगर में भी इसी तरह का एक बड़े स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिससे पूरे केंद्र शासित प्रदेश में इस मुहिम को गति मिलेगी।

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