जम्मू-कश्मीर में जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे ठेकेदारों के भुगतान में देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इल्तिजा मुफ्ती ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से भुगतान अटका हुआ है, जिससे ठेकेदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि बैंक से ऋण लेने के बावजूद उन्हें दो साल से भुगतान नहीं किया गया है और उन्होंने सरकार से उनकी शिकायतों का समाधान करने का आग्रह किया है। दूसरी तरफ, ठेकेदारों का विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के लिए काम करने वाले ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिला है। दो साल से सरकार बनी हुई है और उनका भुगतान रुका हुआ है। कर्ज की वजह से ये लोग परेशान हैं। जम्मू-कश्मीर सरकार का कहना है कि हम एक समझौता साइन करेंगे, उसके बाद बकाए का भुगतान किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार से पूछना चाहती हूं कि ये लोग पांच दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार की तरफ से कोई मिलने तक नहीं आया। हम यहां राजनीति करने नहीं आए हैं, लेकिन इनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इन लोगों से मुझसे मदद मांगी थी।
इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि अगर कोई स्कैम हुआ है तो उसकी जांच कीजिए। इन्होंने काम किया और अब यही परेशान हो रहे हैं। जांच ही नहीं हो पा रही है। सरकार उन्हीं की है तो इनकी पेमेंट पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने उमर अब्दुल्ला की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार फेल हो गई है। शिक्षा क्षेत्र में भी हालत खराब हैं। भ्रष्टाचार किया जा रहा है। लेकिन, सरकार के पास भुगतान के लिए राशि नहीं है। इनकी सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आखिर इनकी सुनवाई क्यों नहीं कर रही है। सरकार कोमा में चली गई है। सरकार ठीक से काम नहीं कर पा रही है। ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी सरकार में भ्रष्टाचार हो रहा है।

