जम्मू-कश्मीर सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था करते हुए दो अलग-अलग आदेश जारी किए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी सरकारी आदेश संख्या 44-जेके(जीएडी) 2026 (दिनांक 12 जनवरी 2026) के अनुसार, नसीम जावेद चौधरी, जेकेएएस, जो वर्तमान में निदेशक, स्कूल शिक्षा, जम्मू के पद पर हैं, को अगले आदेश तक जम्मू और कश्मीर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (जेकेएससीईआरटी) के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यह व्यवस्था प्रशासनिक हितों में की गई है ताकि जेकेएससीईआरटी का सुचारू संचालन जारी रहे, जो पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षिक सुधारों के लिए जिम्मेदार शीर्ष संस्था है।
दूसरे आदेश में जम्मू और कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन एक्ट, 1975 की धारा 12 की उप-धारा (1) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने गुलाम हसन शेख, जेकेएएस, जो वर्तमान में सचिव, जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (जेकेबीओएसई) हैं, को अंतरिम व्यवस्था के रूप में जेकेबीओएसई के अध्यक्ष के कार्यों का अतिरिक्त निर्वहन करने का आदेश दिया है। वे अपने मूल कर्तव्यों के अलावा अध्यक्ष के दायित्व संभालेंगे, जब तक आगे के आदेश जारी नहीं होते।
जेकेबीओएसई अध्यक्ष का पद काफी समय से रिक्त था, जिससे कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषणा में देरी हो रही थी। ये आदेश शिक्षा विभाग में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं। जेकेबीओएसई परीक्षाएं आयोजित करने और प्रमाण-पत्र जारी करने वाली प्रमुख संस्था है, जबकि जेकेएससीईआरटी शैक्षिक नीतियों और प्रशिक्षण का केंद्र है।
हाल ही में जेकेबीओएसई अध्यक्ष और जेकेएससीईआरटी निदेशक की नियुक्ति के लिए सर्च कमिटी का पुनर्गठन भी किया गया है, जिसमें प्लानिंग विभाग के प्रशासनिक सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है। विपक्ष और अभिभावकों की आलोचना के बीच यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि परिणाम घोषणा में देरी से छात्रों को परेशानी हो रही थी।
अधिकारियों का कहना है कि यह अंतरिम व्यवस्था सुचारू कार्यप्रणाली सुनिश्चित करेगी और स्थायी नियुक्तियां जल्द होने की उम्मीद है। आदेशों की प्रतियां सभी वित्तीय आयुक्तों, मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशक, संभागीय आयुक्तों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं। शिक्षा विभाग में ये बदलाव केंद्र शासित के स्कूल शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में कदम माने जा रहे हैं।

