April 4, 2025
National

वक्फ संशोधन विधेयक पर जदयू में ‘नाराजगी’, नीरज कुमार और राजीव रंजन ने किया खारिज

JDU is ‘displeased’ over the Wakf Amendment Bill, Neeraj Kumar and Rajiv Ranjan rejected it

संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद जदयू के अंदर विरोध के स्वर उठने की बात सामने आई। पार्टी से जुड़े कई मुस्लिम नेताओं ने बिल का विरोध किया, जबकि कुछ नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया। इसको लेकर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार और राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन का बयान सामने आया है।

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने पार्टी में असंतोष की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे “चंदू खाना का गप” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद सरकार में मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों का हनन हुआ था, जबकि नीतीश कुमार की सरकार ने मंदिरों और कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई और अल्पसंख्यकों के विकास के लिए ठोस कदम उठाए।

नीरज कुमार ने इस्तीफा देने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग खुद को जनाधार वाला नेता बताते हैं, लेकिन इनके पास 399 वोट भी नहीं होते।” उन्होंने नीतीश कुमार की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी सरकार में अल्पसंख्यकों का जीवन स्तर सुधर रहा है और उन्हें पूरी सुरक्षा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि जिसे नीतीश कुमार का काम देखना हो, वे अंजुमन इस्लामिया हॉल को देख लें। हमने उसे शीश महल बना दिया है, जबकि लालू यादव ने उसे खंडहर बना दिया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हैं तो सब निश्चिंत हैं।

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव रंजन ने भी पार्टी में किसी तरह की नाराजगी को खारिज करते हुए कहा, “यह कौन लोग हैं? पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में इनकी कोई पहचान नहीं रही। ये फर्जी लोग हैं।”

उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें नीतीश कुमार का समर्थन शामिल है, जिससे इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित होती है।

राजीव रंजन ने आगे कहा कि “हमने जो भी सुझाव दिए थे, वे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में शामिल किए गए। अब यह विधेयक कानून बनने जा रहा है और यह देश के पसमांदा मुसलमानों के लिए खुशखबरी है।”

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