उत्तर प्रदेश के दो व्यापारिक साझेदारों के शव कल झज्जर-गुरुग्राम सड़क के किनारे मिले थे। पोस्टमार्टम से पता चला है कि उनकी गोली मारकर हत्या की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को शव परीक्षण करने वाले डॉक्टरों ने एक पीड़ित के शरीर पर दो गोली के निशान और दूसरे के शरीर पर एक गोली का निशान पाया।
सदर पुलिस स्टेशन के एसएचओ परमजीत ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है और दोषियों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
मुजफ्फरनगर के एक ही गांव के निवासी कामिल (52) और इरशाद (40) दोनों ही खून से लथपथ पाए गए। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि उनकी हत्या कहीं और की गई होगी और जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए उनके शवों को घटनास्थल पर फेंक दिया गया होगा। उनके मोबाइल फोन भी गायब थे।
सूत्रों ने बताया, “पुलिस को घटनास्थल से तेल का एक खाली डिब्बा मिला है, जिससे जांचकर्ताओं को संदेह है कि हमलावरों ने सबूत मिटाने के लिए शवों को आग लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन वे इसे अंजाम नहीं दे पाए। घटनास्थल के पास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण, पुलिस संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सड़क के आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।”
एसएचओ ने बताया कि मृतक के परिवार वालों को किसी पर शक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पीड़ितों के कॉल रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं और कई पुलिस टीमें इस मामले पर काम कर रही हैं।

