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जेपीएससी-जेएसएससी मुद्दे पर हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Jharkhand Assembly's monsoon session adjourned sine die amidst uproar over JPSC-JSSC issue.

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और झारखंड बंद के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। लगातार जारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।

सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने जेपीएससी-जेएसएससी मामले को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा विधायकों के खिलाफ ‘चंदा चोर’ के नारे लगाए गए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपनी बात रखने की कोशिश की। हंगामा बढ़ने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई विधायक सदन के वेल में पहुंच गए। सत्ता पक्ष की ओर से मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की और योगेंद्र महतो समेत कई विधायक वेल में पहुंचे।

विपक्षी विधायक भी वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में अपना प्रतिवेदन रखा। भारी शोर-शराबे के बीच प्रतिवेदन पारित कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हंगामा थमने का नाम नहीं लिया। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, छात्रों पर लाठीचार्ज और मंगलवार को भाजपा के आह्वान पर हुए झारखंड बंद को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांगता रहा।

इसी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर अपना भाषण दिया। उन्होंने विपक्ष पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रूप देने और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। लगातार हंगामे के कारण सदन का संचालन मुश्किल हो गया। अंततः विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।

सत्र की कार्यवाही पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 अगस्त तक चलनी थी। कार्यवाही स्थगित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि वह बहुत भारी और दुखी मन से सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर रहे हैं। उन्होंने सदन के लगातार बाधित होने पर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि विपक्ष के रवैये से ऐसा प्रतीत होता है कि वह सदन को चलने नहीं देना चाहता।

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