N1Live National झारखंड: जेपीएससी गड़बड़ी के मुख्य आरोपी अभय तिवारी के ससुर को लिया हिरासत में, रिश्तेदारों की संपत्तियों की जांच शुरू
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झारखंड: जेपीएससी गड़बड़ी के मुख्य आरोपी अभय तिवारी के ससुर को लिया हिरासत में, रिश्तेदारों की संपत्तियों की जांच शुरू

Jharkhand: Father-in-law of Abhay Tiwari—prime accused in the JPSC irregularities—taken into custody; probe into relatives' assets initiated.

14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सर्विस परीक्षा में गड़बड़ी और परीक्षार्थियों से अवैध धन उगाही मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष टीम ने कार्रवाई और तेज कर दी है। सीआईडी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित हथबोर गांव में छापेमारी कर मामले के मुख्य आरोपी मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी के ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। विकास पांडेय स्थानीय सरकारी स्कूल में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

सीआईडी की टीम ने हथबोर स्थित आवास पर विकास पांडेय से घंटों गहन पूछताछ की और फिर उन्हें आगे की जांच के लिए अपने साथ ले आई है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से अभय तिवारी के दोनों साले (विकास पांडेय के पुत्रों) की भूमिका और उनके ठिकानों की पड़ताल कर रही है। सीआईडी ने दोनों को पूछताछ के लिए समन जारी किया था, लेकिन नोटिस मिलने के बाद से ही दोनों फरार हैं।

एजेंसियों को संदेह है कि कानूनी शिकंजे से बचने के लिए वे विदेश भाग चुके हैं, जिसकी पुष्टि के लिए उनके यात्रा दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। इस कार्रवाई के साथ ही सीआईडी और वित्तीय खुफिया शाखा अब आरोपी परिवार की अचल संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी गहन जांच कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, देवघर में निर्माणाधीन करोड़ों रुपये का अस्पताल, रांची में खरीदी गई जमीनें, तीन लग्जरी फ्लैट और गिरिडीह समेत अन्य जिलों में मौजूद संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों की पड़ताल की जा रही है। जांच टीम यह पता लगा रही है कि इन संपत्तियों के निर्माण व खरीद में इस्तेमाल किया गया धन किस माध्यम से आया और क्या यह आय के वैध स्रोतों से मेल खाता है या नहीं।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी परिवार के कई सदस्यों के महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर तैनात होने की बात भी सामने आई है। मुख्य आरोपी अभय तिवारी दुमका के पोड़ैयाहाट में मार्केटिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत था। उसने 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा भी पास की है, जबकि उसकी पत्नी रांची में सहायक अनुभाग पदाधिकारी के पद पर तैनात है।

परिवार के कुछ अन्य सदस्यों के भी विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से चयनित होने की जानकारी मिली है, जिसके बाद प्रशासनिक और सरकारी गलियारों में हड़कंप मच गया है। सीआईडी का मानना है कि जेपीएससी और जेपीएससी सीजीएल जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर ओएमआर शीट में हेरफेर और ‘सेटिंग’ का बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। यदि वित्तीय जांच में आय से अधिक संपत्ति और अवैध लेनदेन के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में कई और प्रभावशाली लोगों पर कानूनी चाबुक चल सकता है।

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