12 मार्च । झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीमों ने गुरुवार को दो अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई की।
कोडरमा में जहां एक दारोगा को शराब मामले को रफा-दफा करने के नाम पर रिश्वत लेते दबोचा गया, वहीं गुमला में कुएं की मरम्मत का बिल पास करने के एवज में घूस ले रही एक महिला पंचायत सचिव को गिरफ्तार किया गया।
पहली घटना कोडरमा जिले की है, जहां हजारीबाग एसीबी की टीम ने चंदवारा थाना में पदस्थापित दारोगा पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले चंदवारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब को लेकर छापेमारी हुई थी। इस मामले को मैनेज करने और आरोपी पक्ष को राहत देने के नाम पर दारोगा ने एक लाख रुपये की मांग की थी।
पीड़ित पक्ष ने इसकी जानकारी जेकेएलएम नेता प्रेम नायक को दी, जिन्होंने हजारीबाग स्थित एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। गुरुवार को जैसे ही दारोगा ने अपने सरकारी क्वार्टर में रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपये लिए, पहले से जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी दारोगा को टीम अपने साथ हजारीबाग ले गई है।
दूसरी कार्रवाई रांची एसीबी की टीम ने गुमला जिले के विशुनपुर प्रखंड में की। यहां चट्टी सेरका पंचायत की महिला पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को 8 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। पीड़ित परमेश्वर सिंह ने शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर ग्राम सभा द्वारा चयनित कुएं की मरम्मत का काम पूरा हो चुका था।
शेष राशि के भुगतान और बिल पास कराने के एवज में पंचायत सचिव 8 हजार रुपये की मांग कर रही थीं। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाया और गुरुवार को जैसे ही पंचायत सचिव ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, टीम ने उन्हें पकड़ लिया। एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, रांची ब्यूरो का साल 2026 में यह छठा ट्रैप केस है।
दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत ब्यूरो को इसकी सूचना दें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।


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