अम्मान, जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने गाजा में स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने के प्रयासों पर चर्चा की।
मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, बुधवार को फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों ने गाजा में इजरायली सैन्य अभियानों और पश्चिमी तट में उसकी बढ़ती गतिविधियों को रोकने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने तत्काल अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान किया, ताकि गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सभी क्रॉसिंग खोलने, चल रहे मानवीय संकट का समाधान करने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि संयुक्त राष्ट्र और मानवीय संगठन अपने कर्मचारियों की सुरक्षा करते हुए बिना किसी बाधा के काम कर सकें, इजरायल पर दबाव डाला जा सके।
उन्होंने उत्तरी गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) के चिकित्सा क्लिनिक को इजरायल द्वारा निशाना बनाए जाने की निंदा की तथा इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून, अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून तथा युद्ध के समय नागरिकों की सुरक्षा पर 1949 के जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन बताया।
सफादी और अब्देलट्टी ने इजरायल की बढ़ती कार्रवाइयों के गंभीर परिणामों की भी चेतावनी दी।
उन्होंने इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन-ग्वीर द्वारा अल-अक्सा मस्जिद परिसर पर “हमला” करने जैसी चल रही इजरायली उकसावे की कार्रवाई की निंदा की।
मंत्रियों ने अरब-इस्लामिक मंत्रिस्तरीय समिति की भूमिका और फिलिस्तीनी लोगों को समर्थन देने तथा 4 मार्च को काहिरा में आयोजित आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन के परिणामों को लागू करने में इसके प्रयासों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने इस बात की पुष्टि की कि फिलिस्तीनी अधिकारों की पूर्ण प्राप्ति, विशेष रूप से स्वतंत्रता का अधिकार और 1967 की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र, संप्रभु राज्य की स्थापना, जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम हो, न्यायपूर्ण शांति का एकमात्र मार्ग है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करता है।
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