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एनआईईपीएमडी में 120 से अधिक कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर कनिमोझी ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र, दखल देने की मांग

Kanimozhi writes to Union Minister seeking intervention over the dismissal of over 120 NIEPMD employees

तमिलनाडु के थूथुक्कुडी से सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार को पत्र लिखकर नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद मल्टीपल डिसेबिलिटीज (एनआईईपीएमडी) में 120 से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी और स्टाफ को मनमाने ढंग से नौकरी से निकाले जाने के मामले में दखल देने की मांग की है।

कनिमोझी करुणानिधि ने पत्र में लिखा है, “भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) के तहत आने वाले एक स्वायत्त संस्थान, ‘नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एम्पावरमेंट ऑफ़ पर्सन्स विद मल्टीपल डिसेबिलिटीज’ (एनआईईपीएमडी) चेन्नई में काम कर रहे 120 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट फैकल्टी और स्टाफ की अचानक और मनमाने ढंग से नौकरी खत्म किए जाने के मामले में आपके दखल की आवश्यकता है। इस संस्थान में 588 छात्रों के लिए दिव्यांगता से जुड़े लगभग 13 प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। कुल फैकल्टी में से केवल 20 प्रतिशत ही स्थायी और 80 प्रतिशत कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी हैं।”

पत्र में आगे लिखा, “जिन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को हटाया गया, उन्हें 2024 में सही प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया था। इसके लिए एक अधिकृत सिलेक्शन कमेटी ने जांच-पड़ताल, परीक्षा, स्किल असेसमेंट और इंटरव्यू जैसी उचित चयन प्रक्रियाएं पूरी की थीं। नियुक्ति के आदेश 2027 तक के स्वीकृत कॉन्ट्रैक्ट कार्यकाल के साथ जारी किए गए थे। तब से ये कर्मचारी अपनी-अपनी भूमिकाओं में लगातार और समर्पित भाव से सेवा दे रहे हैं। एनआईईपीएमडी में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों के बाद, इतनी बड़ी संख्या में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बिना किसी उचित नोटिस, सही बातचीत या अपनी बात रखने के मौके के अचानक हटा दिया गया या उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। इससे संस्थान के कामकाज में गंभीर बाधा आई है और कर्मचारियों की आजीविका तथा दिव्यांग लोगों को दी जाने वाली सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है।”

कनिमोझी ने कहा कि इस अचानक बर्खास्तगी से सेवाओं के जारी रहने, एकेडमिक स्थिरता और लाभार्थियों के कल्याण को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। इससे चल रही ट्रेनिंग, थेरेपी, रिहैबिलिटेशन सेवाओं और सपोर्ट सिस्टम पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

कनिमोझी ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से अनुरोध किया है कि कर्मचारियों को हटाने या सेवा समाप्त करने की चल रही प्रक्रिया को तुरंत रोकने का निर्देश दें और मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को 2027 तक उनके स्वीकृत कार्यकाल के पूरा होने तक काम जारी रखने की अनुमति दें। कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर हटाने की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच का आदेश दें और प्रशासनिक कार्यों में प्राकृतिक न्याय, निष्पक्षता और पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करें। इसके अलावा, एनआईईपीएमडी में एकेडमिक, रिहैबिलिटेशन, थेरेपी, हॉस्टल और क्लिनिकल सेवाओं को बिना किसी रुकावट के जारी रखें और एनआईईपीएमडी की सेवाओं पर निर्भर छात्रों और लाभार्थियों के हितों की रक्षा करें।

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