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कर्नाटकः सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने जेल में मारा छापा, प्रज्वल रेवन्ना सहित दो कैदियों के पास से मिले फोन

Karnataka: Central Crime Branch raids jail; phones found with two inmates, including Prajwal Revanna.

सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने बेंगलुरु स्थित परप्पना अग्रहारा जेल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय नाम के एक अन्य कैदी के पास फोन मिले हैं।

दोनों के खिलाफ परप्पना अग्रहारा जेल में ‘प्रिजन्स एक्ट’ (जेल अधिनियम) की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा जेल के अंदर या बाहर गैर-कानूनी सामान लाने, बिना इजाजत कैदियों से बात करने या इन नियमों को तोड़ने में मदद करने पर सज़ा का प्रावधान करती है। जांच अधिकारी नोटिस भेजने और आगे की कार्रवाई शुरू करने से पहले वे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और और जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।

डीजीपी जेल आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार की दोपहर सीसीबी ने सभी हाई-प्रोफाइल कैदियों के यहां छापेमारी की। प्रज्वल रेवन्ना के पास से एक एंड्रॉयड फोन ज़ब्त किया गया है। डीआईजी (साउथ) की रिपोर्ट पर संबंधित असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है और बैंगलोर सेंट्रल जेल के एसपी को ‘शो कॉज नोटिस’ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया गया है। इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना अश्लील वीडियो के मामले में जेल में बंद हैं। मार्च 2026 में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े अश्लील वीडियो मामले में जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 13,712 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में कुल 39 आरोपियों को नामजद किया गया है।

यह चार्जशीट हासन की वरिष्ठ सिविल अदालत में दायर की गई थी। एसआईटी के अनुसार जांच के दौरान कुल 52 लोगों के नाम सामने आए थे लेकिन पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर 39 के खिलाफ ही आरोप तय किए गए। यह जांच 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान जेडी(एस) के एजेंट रहे अधिवक्ता पूर्णचंद्र द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी।

एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में बताया कि आरोपियों ने हासन में करीब 70 पेन ड्राइव खरीदे थे, जिनके जरिए कथित अश्लील वीडियो फैलाए गए। जांच के दौरान 277 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

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