24 मार्च । कांग्रेस सरकार द्वारा केरल के वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये की सहायता देने के फैसले पर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भाजपा और जेडी(एस) ने मंगलवार को इस कदम की कड़ी आलोचना की।
बेंगलुरु दक्षिण से सांसद और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सुर्या ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसकी “जवाबदेही और गरिमा” पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस सरकार में अब कोई जवाबदेही बची है, जो कर्नाटक के लोगों के संसाधनों को दूसरे राज्य में राजनीतिक हितों के लिए खर्च कर रही है।
उन्होंने राज्य की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कर्नाटक इस समय पेयजल संकट, खराब सड़कों और कर्ज में डूबे किसानों की परेशानियों से जूझ रहा है। इसके बावजूद सरकार को दूसरे राज्य में करोड़ों रुपये खर्च करने का क्या नैतिक अधिकार है?
उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से सवाल करते हुए इसे कन्नड़वासियों के साथ “विश्वासघात” बताया।
भाजपा की कर्नाटक इकाई ने भी सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और प्राथमिकताओं के गलत निर्धारण का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि एक ओर अतिथि शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और नीरागंटियों के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर वायनाड के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए जा रहे हैं।
भाजपा ने आरोप लगाया कि यह धनराशि वायनाड लोकसभा क्षेत्र, जिसका प्रतिनिधित्व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी करती हैं, को लाभ पहुंचाने के लिए दी जा रही है।
पार्टी ने राज्य सरकार से ठेकेदारों के बकाया भुगतान और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
वहीं, जनता दल (सेक्युलर) ने भी इसी तरह की चिंता जताते हुए कहा कि कर्नाटक में लाखों लोग बुनियादी आवास के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान वायनाड के पुनर्वास कार्यों पर ज्यादा है।
विपक्षी दलों ने राज्य के बाहर सार्वजनिक धन खर्च करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राज्य के नागरिकों के हितों के बजाय चुनावी गणित को प्राथमिकता दे रहा है।
भाजपा ने इसे “हाईकमान आधारित” शासन करार देते हुए कहा कि यह फैसला कन्नड़वासियों के साथ विश्वासघात है। पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि 2024 में भी कर्नाटक सरकार ने वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के लिए 10 करोड़ रुपये की सहायता दी थी।
गौरतलब है कि 2024 में राज्य सरकार ने वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित 100 परिवारों के लिए घर निर्माण हेतु 10 करोड़ रुपये की सहायता दी थी।
हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस सरकार की ओर से अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।


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