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केरल कांग्रेस सांसदों को एफसीआरए बिल को रोकने के लिए दिल्ली पहुंचने का निर्देश

Kerala Congress MPs directed to reach Delhi to stop FCRA Bill

केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में अब सिर्फ आठ दिन ही बचे हैं। इसके बाद भी कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने अपने सांसदों को एक जरूरी निर्देश जारी किया है। कांग्रेस ने सांसदों को दिल्ली में चल रहे सत्र में शामिल होने को कहा है।

इससे संकेत मिल रहा है कि वे ‘विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम’ (एफसीआरए) में किए गए विवादित संशोधनों का विरोध करने के लिए इकठ्ठा हो रहे हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह कदम केंद्र सरकार की उस कोशिश के जवाब में उठाया गया है, जिसमें वह एक ऐसे समय में संशोधन विधेयक पेश करने की कोशिश कर रही है, जब कई सांसद चुनाव वाले राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय को चुनने के पीछे एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका मकसद संसदीय जांच-पड़ताल और विरोध को कम करना है।

प्रस्तावित संशोधनों को ‘पूरी तरह से असंवैधानिक’ बताते हुए वेणुगोपाल ने चेतावनी दी कि इस कानून के नागरिक समाज पर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन प्रावधानों का गैर-सरकारी संगठनों और समुदाय-आधारित समूहों पर, विशेष रूप से उन समूहों पर जो अल्पसंख्यक समुदायों की ओर से चलाए जाते हैं। उस पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानूनी बदलाव नहीं है; यह उन संस्थाओं को सिस्टमैटिक तरीके से कमजोर करने की कोशिश है जो समाज सेवा और डेमोक्रेटिक जुड़ाव में जरूरी भूमिका निभाती हैं। कांग्रेस नेता ने ऐलान किया कि पार्टी ‘किसी भी हालत में’ बिल को पास नहीं होने देगी और एक मजबूत पॉलिटिकल और पार्लियामेंट्री चुनौती देगी।

इस बिल के खिलाफ कांग्रेस सुबह 10:30 बजे पार्लियामेंट के बाहर एक प्रदर्शन करने का प्लान बना रही है, ताकि विपक्ष का ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट मिल सके। वेणुगोपाल ने भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए, उन पर बांटने वाला एजेंडा चलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि यह बिल समुदायों के बीच अविश्वास और पोलराइजेशन पैदा करने की एक और कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल केरल जैसे राज्यों में ईसाई संस्थानों सहित विभिन्न संगठनों पर दबाव डालने के लिए किया जा सकता है।

वेणुगोपाल ने कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसे कड़े प्रावधान हैं जो स्वैच्छिक संगठनों के लिए ‘शिकंजा कस सकते हैं।’

केरल के सभी चर्चों के सर्वोच्च प्रमुख केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। हालांकि, नेमोम विधानसभा क्षेत्र में ‘करो या मरो’ की लड़ाई लड़ रहे राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि एफसीआरए से जुड़े इस मुद्दे को कांग्रेस की ओर से बेवजह उछाला जा रहा है।

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