January 11, 2026
National

केरल: माकपा से तीन बार विधायक रहे एस राजेंद्रन के भाजपा में शामिल होने की संभावना

Kerala: Three-time CPI(M) MLA S Rajendran likely to join BJP

केरल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) के वरिष्ठ नेता और देविकुलम से तीन बार विधायक रह चुके एस. राजेंद्रन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो यह उस देविकुलम विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जाएगा, जिसे लंबे समय से वामपंथ का गढ़ माना जाता रहा है।

इडुक्की जिले के प्रभावशाली नेता एस. राजेंद्रन ने शनिवार को पुष्टि की कि उन्होंने हाल ही में भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर से मुलाकात की है। उनके भाजपा में जाने की अटकलें पिछले लगभग तीन वर्षों से चल रही थीं।

इस मुलाकात को लेकर राजेंद्रन ने कहा कि उन्होंने पार्टी में शामिल होने के लिए कोई व्यक्तिगत मांग नहीं रखी है और न ही कोई शर्त तय की है। इससे पहले वह नई दिल्ली जाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर से भी बातचीत कर चुके हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ भी लगातार संपर्क में रहे हैं।

राजेंद्रन का माकपा में लंबा राजनीतिक सफर रहा है। वे पहली बार 2006 में देविकुलम विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और 2011 तथा 2016 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने जीत दर्ज की। इससे पहले, वर्ष 2003 में वे इडुक्की जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और हाई-रेंज क्षेत्र में एक मजबूत राजनीतिक चेहरे के रूप में उभरे थे।

हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद माकपा के साथ उनके संबंध बिगड़ गए। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने देविकुलम सीट पर एलडीएफ प्रत्याशी राजा के खिलाफ काम किया। पार्टी स्तर की जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद वर्ष 2022 में माकपा ने उन्हें एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया।

इसके बावजूद पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें वापस लाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन राजेंद्रन ने माकपा में लौटने से इनकार कर दिया। बाद के लोकसभा और पंचायत चुनावों के दौरान भी उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज होती रहीं, हालांकि वह लगातार यही कहते रहे कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

अब जानकारी मिली है कि एस. राजेंद्रन मुन्‍नार में आयोजित होने वाली एक बैठक में, भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश नेताओं की मौजूदगी में, औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।

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