किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने हाजी हरमन शाह मजार का घरेलू बिजली कनेक्शन रद्द करने की मांग की है। उनका आरोप है कि यह कनेक्शन गलत दस्तावेजों के जरिए लिया गया था और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
केजीएमयू के प्रवक्ता केके सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि हाजी हरमन शाह मजार करीब ढ़ाई हजार फीट में बनी है। इसके चारों तरफ करीब 20 हजार स्क्वायर फीट केजीएमयू की जमीन थी जो बहुत लंबे समय से नाजायज रूप से कब्जा की गई थी।
उन्होंने बताया कि इस कब्जे को करीब ढाई साल पहले खाली कराया और जमीन को अपने नियंत्रण में लिया गया। इस मामले में मजार से संबंधित और अन्य लोगों ने स्वामित्व पाने के लिए दो बार हाईकोर्ट में मुकदमा किया। हाईकोर्ट ने दोनों बार उनकी अर्जी को निरस्त किया जिससे अविवादित रूप से उस जमीन का स्वामित्व केजीएमयू का है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद भी 24 जुलाई को नोडल अधिकारी के रूप में मुझे बताया गया कि वहां पर बिजली का कनेक्शन जोड़ा जा रहा है, जो हमारे लिए आश्चर्य का विषय था। हम लोगों ने पीआरओ को भेजा तो हमें एक पत्र दिया गया। मजार की देखरेख और रखरखाव करने वाले ने बताया कि बिजली का कनेक्शन मिल गया है।
केजीएमयू के प्रवक्ता ने बताया कि बिजली कनेक्शन देखने पर हमें दो आपत्तिजनक चीजें मिली। पहला कि हमारे कैंपस में हमारे स्वामित्व की जमीन पर कनेक्शन के लिए केजीएमयू से एनओसी नहीं दिया गया। दूसरा कि कमर्शियल के बजाए घरेलू कनेक्शन दिया गया था। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और बिजली विभाग के जेई को फोन मिलाया। इस मामले को लेकर वह किसी तरह से संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद मजबूरी में पुलिस को बुलाकर रोक लगाई। इसकी शिकायत सारे सक्षम अधिकारियों को दी।

