N1Live National किरेन रिजिजू ने सर्बिया में यूगोस्लाविया म्यूज‍ियम का दौरा किया, एनएएम बैठक में करेंगे भारत का नेतृत्व
National

किरेन रिजिजू ने सर्बिया में यूगोस्लाविया म्यूज‍ियम का दौरा किया, एनएएम बैठक में करेंगे भारत का नेतृत्व

Kiren Rijiju visited the Museum of Yugoslavia in Serbia; he will lead India at the NAM meeting.

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्बिया के बेलग्रेड में यूगोस्लाविया संग्रहालय और यूगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टीटो की समाधि स्थल हाउस ऑफ फ्लावर्स का दौरा किया। वह गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) की उच्चस्तरीय स्मृति बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए सर्बिया पहुंचे हैं।

रिजिजू ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर अपनी यात्रा की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इन ऐतिहासिक स्थलों ने उन्हें यूगोस्लाविया के राजनीतिक इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और टीटो के जीवन तथा उनके योगदान को समझने का अवसर दिया। उन्होंने लिखा, “सर्बिया के बेलग्रेड में यूगोस्लाविया के म्यूज‍ियम और ‘हाउस ऑफ फ्लावर्स’ का दौरा किया। यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, जो यूगोस्लाविया के राजनीतिक इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और जोसिप ब्रोज टीटो के जीवन और विरासत की गहरी झलक देता है।”

केंद्रीय मंत्री ने इस यात्रा को एक सार्थक अनुभव बताते हुए कहा कि इससे उन्हें उस इतिहास को समझने और उस पर विचार करने का मौका मिला, जिसने इस पूरे क्षेत्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रिजिजू बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) के पहले शिखर सम्मेलन की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय स्मृति बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बैठक 31 अगस्त से एक सितंबर तक ‘गुटनिरपेक्ष आंदोलन: आज की दुनिया के लिए सबक’ थीम के तहत आयोजित की जा रही है।

इससे पहले रविवार को रिजिजू ने बेलग्रेड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। उन्होंने सर्बिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और भारत-सर्बिया संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने ‘एक्‍स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, “एनएएम बैठक से पहले बेलग्रेड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और भारत-सर्बिया संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की।”

यह स्मृति बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि 1961 में बेलग्रेड में आयोजित पहले एनएएम सम्मेलन के 65 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक सदस्य देशों में शामिल रहा है और समय-समय पर इस आंदोलन के सिद्धांतों और मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, गुटनिरपेक्ष आंदोलन में 121 विकासशील देश शामिल हैं और यह आज भी ऐतिहासिक महत्व वाला एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बना हुआ है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत एनएएम के सिद्धांतों और मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

रिजिजू की टीटो और यूगोस्लाविया से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा इस वर्षगांठ बैठक के संदर्भ में खास महत्व रखती है। यह बेलग्रेड और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के इतिहास के बीच गहरे संबंध को भी दर्शाती है, जिसने विकासशील देशों के एक बड़े समूह के रूप में दुनिया में अपनी पहचान बनाई।

Exit mobile version