1 मई । मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में जन्म प्रमाणपत्रों को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में कुल 87,149 जन्म प्रमाणपत्रों को रद्द करने की तैयारी की गई है।
आरोप है कि ये प्रमाणपत्र बीएमसी के पुराने और बंद हो चुके एसएपी सिस्टम के जरिए अवैध रूप से जारी किए गए। अब तक 6 स्वास्थ्य अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि वह जुलाई 2025 से इस घोटाले को उजागर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इसकी जानकारी दी और जांच के आदेश देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीएमसी कमिश्नर का धन्यवाद भी किया।
किरीट सोमैया ने बताया कि बीएमसी ने 1 जनवरी 2016 से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल को अपनाया था। इसके बावजूद कुछ स्वास्थ्य अधिकारियों ने कथित तौर पर पुराने एसएपी सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए जन्म प्रमाणपत्रों का गलत तरीके से रजिस्ट्रेशन और री-रजिस्ट्रेशन किया।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में 30,507, साल 2025 में 48,705 और साल 2026 में 7,135 जन्म प्रमाणपत्र दोबारा दर्ज किए गए। यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ बताई जा रही है।
इस मामले में कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। अब तक 6 स्वास्थ्य अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। हाल ही में डॉ. शैलेन्द्र गुजर को भी सस्पेंड किया गया है। इससे पहले एम-ईस्ट वार्ड के दो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई थी।
ताजा जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई वार्डों के मेडिकल ऑफिसर्स ने पुराने एसएपी-नागरिक पंजीकरण प्रणाली में बिना अनुमति के बदलाव किए, जबकि यह काम सीआरएस पोर्टल के जरिए होना चाहिए था।
चौंकाने वाली बात यह है कि 2024 से 2026 के बीच जहां एसएपी सिस्टम में 87,149 एंट्री की गईं, वहीं सीआरएस पोर्टल पर सिर्फ 33,772 आधिकारिक एंट्री दर्ज हैं।
इस मामले को लेकर सुरक्षा चिंताएं भी जताई जा रही हैं। मेयर ऋतु तावड़े और किरीट सोमैया ने इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला’ बताया है। उनका कहना है कि इन फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल अवैध घुसपैठियों को कानूनी पहचान देने के लिए किया गया हो सकता है।


Leave feedback about this