पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जनवरी 2002 में कोलकाता में अमेरिकन सेंटर पर हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की सेल से एक्टिव इंटरनेट कनेक्शन वाले तीन मोबाइल फोन और कैश बरामद किए हैं। दक्षिण कोलकाता की प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा कभी अंसारी ‘आसिफ रजा कमांडो’ (एआरसी) नाम के आतंकवादी संगठन को चलाता था, जिसके तार पाकिस्तान में मौजूद ‘हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी’ (एचयूजेआई) और ‘जैश-ए-मोहम्मद’ (जेईएम) जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे।
हाल ही में डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों को पता चला कि प्रेसिडेंसी जेल में अंसारी की कोठरी से दिन में कई बार मोबाइल पर बातचीत हो रही है। इसके बाद डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने शुक्रवार की रात को उसकी कोठरी में अचानक छापा मारा और तलाशी ली।
शहर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “अंसारी के कपड़ों और बिस्तर से तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन बरामद हुए। साथ ही, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के अधिकारियों को अंसारी के पास से 31,000 रुपये भी मिले, जो सभी 500 रुपये के नोट थे। अब इस बात की जांच शुरू कर दी गई है कि अंसारी जैसे कुख्यात आतंकवादी की कोठरी तक ये चीजें कैसे पहुंचीं?”
स्थानीय हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी इस घटना में जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। पता चला है कि जांच का मुख्य फोकस उन लोगों या जगहों पर है, जिनसे अंसारी इन डिवाइस का इस्तेमाल करके बातचीत करता था। जांचकर्ता खास तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह पाकिस्तान में किसी से बातचीत कर रहा था या नहीं और इसके लिए वह किन तरीकों का इस्तेमाल कर रहा था।
इससे पहले, 20 अगस्त को प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में भी इसी तरह की छापेमारी और तलाशी ली गई थी। उस दिन विचाराधीन कैदी अब्दुल मोइनुद्दीन के पास से एक स्मार्टफोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया था।
हाल के दिनों में राज्य प्रशासन ने जेल अधिकारियों और अपराधियों की मिलीभगत को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम के सुपरिटेंडेंट और चीफ कंट्रोलर को भी सस्पेंड कर दिया गया था। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी इस मामले की जांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) से कराने का आदेश दिया था।

