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कोटा हॉस्पिटल केस: राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री बोले- तीन मोर्चों पर की जा रही जांच

Kota Hospital Case: Health Minister of Rajasthan said - investigation is being conducted on three fronts

राजस्थान के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि कोटा में मातृ स्वास्थ्य संबंधी घटना की जांच तीन प्रमुख मोर्चों पर की जा रही है: मरीजों को दी गई दवाओं की जांच, ऑपरेशन थिएटरों और चिकित्सा उपकरणों में संभावित संक्रमण की जांच, और उपचार प्रोटोकॉल तथा रोगी निगरानी प्रणालियों की गहन जांच।

उन्होंने बताया कि दवाओं, उपकरणों और संबंधित सामग्रियों में संभावित संदूषण संबंधी प्रयोगशाला रिपोर्ट 2 से 3 सप्ताह के भीतर आने की उम्मीद है। खींवसर गुरुवार को कोटा में थे, जहां उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोटा में गर्भवती महिलाओं की मृत्यु और बिगड़ते स्वास्थ्य को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए हर संभव कोण से व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने घोषणा की कि मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) की एक टीम शनिवार को कोटा का दौरा करेगी।

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जेके लोन अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और जोर देकर कहा कि सरकार त्वरित, संवेदनशील और पारदर्शी जांच सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस घटना के वास्तविक कारणों का पता अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही चलेगा। रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खींवसर ने बताया कि तीन प्रमुख मोर्चों पर जांच की जा रही है: मरीजों को दी गई दवाओं की जांच; ऑपरेशन थिएटर और चिकित्सा उपकरणों का संभावित संक्रमण के लिए निरीक्षण; और उपचार प्रोटोकॉल और रोगी निगरानी प्रणालियों की जांच।

दवाओं, उपकरणों और संबंधित सामग्रियों में संभावित संदूषण के संबंध में प्रयोगशाला रिपोर्ट दो से तीन सप्ताह के भीतर आने की उम्मीद है। उन्होंने आगे बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उपचार और निगरानी में शामिल डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को प्रथम दृष्टया निलंबित कर दिया गया है।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को दंडित नहीं किया जाएगा और जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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