2 मार्च । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ सोमवार को दिल्ली सरकार की कई महिला-केंद्रित कल्याणकारी पहलों का शुभारंभ किया।
इनमें ‘लखपति बिटिया योजना’, ‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार योजना’ शामिल हैं, जिसके तहत 40,000 से अधिक लड़कियों के लिए 100 करोड़ रुपए का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) किया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ का भी अनावरण किया, जो राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान करता है।
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल वीके सक्सेना, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और विधायक पंकज सिंह उपस्थित थे।
‘मेरी पूंजी, मेरा अधिकार’ पहल के तहत, दिल्ली में 40,642 लड़कियों के बैंक खातों में सीधे 100 करोड़ रुपए की धनराशि हस्तांतरित की गई, जो शहर में बालिका लाभार्थियों के लिए सबसे बड़े डीबीटी कार्यक्रमों में से एक है।
यह कार्यक्रम विस्तारित और पुनर्गठित ‘लखपति बिटिया योजना’ का हिस्सा है, जो पूर्व की लाडली योजना का स्थान लेती है और उसे सुदृढ़ बनाती है।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि हाल ही में शुरू की गई योजनाएं दिल्ली में महिलाओं और लड़कियों को महत्वपूर्ण रूप से सशक्त बनाएंगी।
उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि ये सभी नई योजनाएं दिल्ली की बहनों और बेटियों को सशक्त बनाएंगी और एक समृद्ध दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी पूरी टीम को इन प्रयासों की पहल के लिए बधाई देती हूं।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन पहलों को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। आज का मंच विश्वास का मंच है। यह एक बेटी के जन्म से लेकर आत्मनिर्भर बनने तक के पूरे सफर का सम्मान करने का उत्सव है।
सीएम ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को नारी शक्ति वंदन का मंत्र दिया था और कहा था कि एक विकसित भारत की नींव केवल महिला सशक्तीकरण के माध्यम से ही मजबूत होगी। दिल्ली सरकार ने इसी दिशा को अपनाया है और हमने इस दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित ‘लखपति बिटिया योजना’ पिछली लाडली योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि करती है।
पहले, संस्थागत प्रसव के मामले में प्रत्येक पात्र बालिका के नाम पर 11,000 रुपए और गृह प्रसव के मामले में 10,000 रुपए जमा किए जाते थे। इसके अतिरिक्त, कक्षा-1, 6 और 9 में प्रवेश, कक्षा 10 उत्तीर्ण करने और कक्षा 12 में प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ावों पर 5,000 रुपए जमा किए जाते थे।
नई संरचना के तहत, वित्तीय सहायता और समग्र दृष्टिकोण दोनों का काफी विस्तार किया गया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थी लड़कियां वयस्क होने तक पर्याप्त बचत जमा कर लें।
इस योजना से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपए तक है और जो कम से कम तीन साल से दिल्ली में रह रहे हैं। योजना के तहत आने वाली बच्ची का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है।
दिल्ली सरकार ने ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ का भी अनावरण किया है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे आवागमन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच मजबूत होगी। इस कदम से कार्यबल और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


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