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97वीं जयंती पर लता मंगेशकर को किया याद, सुदर्शन इंस्टीट्यूट की छात्राओं ने बनाया खास सैंड आर्ट

स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर की 97वीं जयंती के अवसर पर पूरी दुनिया उन्हें याद कर रही है। इस मौके पर पुरी के विश्व प्रसिद्ध सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट की दो छात्राओं ने अनोखे अंदाज में महान गायिका को श्रद्धांजलि दी है। सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट की छात्राएं मोनालिसा मोहरना और सोनाली आलूक ने रेत पर सैंड-आर्ट एनिमेशन बनाकर लता जी को नमन किया है। इस कलाकृति के जरिए उन्होंने संदेश दिया है, “लता जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।”

एनिमेशन में रेत के जरिए लता मंगेशकर की आकृति को उकेरा गया है और उनके अमर गीतों की याद को ताजा किया गया है। दोनों छात्राओं ने अपनी कला के माध्यम से यह बताने की कोशिश की है कि लता मंगेशकर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

इस कलाकृति को लेकर छात्रा सोनाली आलूक ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हम सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट की छात्राएं हैं। हमने लता जी की 97वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मिलकर यह कलाकृति बनाई है। भले ही वह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी। इस सैंड-आर्ट एनिमेशन को बनाने में हमें लगभग आधे घंटे का समय लगा है।”

बता दें कि लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था। उन्होंने सात दशकों से अधिक के अपने करियर में 30 हजार से ज्यादा गीतों को अपनी आवाज दी और भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। ‘लग जा गले’, ‘अजीब दास्तां है ये’, ‘तेरा मेरा प्यार अमर’, ‘गाता रहे मेरा दिल’ और ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा’ जैसे उनके गाने आज भी लोगों की पसंदीदा प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।

6 फरवरी 2022 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी सुरीली आवाज आज भी हर दिल में गूंजती है।

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