N1Live National देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे पर बोले लेनिन मोहंती, व्यक्तिगत स्वार्थ और कारोबारी दबाव में लिया फैसला
National

देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे पर बोले लेनिन मोहंती, व्यक्तिगत स्वार्थ और कारोबारी दबाव में लिया फैसला

Lenin Mohanty said on the resignation of Debashis Samantaray that the decision was taken due to personal interest and business pressure.

भुवनेश्वर में बीजू जनता दल के नेता और प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने राज्यसभा सदस्य देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोमवार को कहा कि पार्टी छोड़ने का उनका फैसला व्यक्तिगत स्वार्थों से प्रेरित प्रतीत होता है। बीजू जनता दल ने देबाशीष सामंतराय को राजनीतिक जीवन में लगातार अवसर दिए और उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. लेनिन मोहंती ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक को अपना इस्तीफा भेजा है, जिसमें उन्होंने पार्टी में खुद को अपमानित और नीचा दिखाए जाने की बात कही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहंती ने कहा कि यह दावा हैरान करने वाला है, क्योंकि पार्टी ने उन्हें लगातार पांच बार चुनाव लड़ने का मौका दिया।

उन्होंने कहा कि देबाशीष सामंतराय ने बीजेडी के टिकट पर तीन विधानसभा चुनाव जीते और दो चुनाव हारे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी और नवीन पटनायक ने उन पर भरोसा बनाए रखा। बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।

बीजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में देश में एक राजनीतिक प्रवृत्ति देखने को मिली है, जिसमें कुछ नेता किसी पार्टी के समर्थन से राज्यसभा पहुंचने के बाद दूसरी पार्टियों में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने बिना सीधे नाम लिए कहा कि कई नेता बाद में भाजपा का दामन थाम लेते हैं।

मोहंती ने कहा कि देबाशीष सामंतराय के इस्तीफे के पीछे निजी हित, कारोबारी कारण और कुछ समूहों का दबाव हो सकता है। उन्होंने कहा, “जिस पार्टी ने उन्हें पहचान दी, राजनीतिक आधार दिया और आगे बढ़ाया, उसी पार्टी को छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि इससे बीजेडी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा, लेकिन भविष्य में उन्हें अपने फैसले पर पछताना पड़ सकता है।”

डॉ. लेनिन मोहंती ने बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और कमर्शियल गैस की कीमतों में कई बार वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता और व्यापारिक वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।

उन्होंने सरकार से वैट कम करने की मांग करते हुए कहा कि यदि करों में कटौती की जाती है तो लोगों को प्रति लीटर 10 से 14 रुपए तक की राहत मिल सकती है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकार को आम लोगों को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।

Exit mobile version