January 11, 2026
National

मध्य प्रदेश : इंदौर जल त्रासदी और मनरेगा में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा

Madhya Pradesh: Congress attacks government over Indore water tragedy and changes in MNREGA

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। भोपाल स्थित राज्य कांग्रेस कार्यालय के राजीव गांधी सभागार में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, भोपाल नगर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और राज्य प्रवक्ता राहुल राज ने मीडिया को संबोधित किया

प्रवीण सक्सेना ने भागीरथपुरा घटना को ‘प्रायोजित हत्याएं’ करार दिया। उन्होंने भाजपा सरकार की आपराधिक लापरवाही और प्रशासनिक विफलता को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि जहरीले पानी के कारण बीस लोगों की मौत हो गई और एक हजार से अधिक नागरिक बीमार पड़ गए।

विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस 11 जनवरी को सुबह 11 बजे राज्य स्तरीय न्याय यात्रा का आयोजन करेगी। सक्सेना ने बताया कि यह यात्रा बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर इंदौर में मां अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के पास राजवाड़ा चौक तक जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि वरिष्ठ नेता, निर्वाचित प्रतिनिधि, पदाधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और कई आम नागरिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी मुख्य मांगों में इंदौर के महापौर को तत्काल हटाना, प्रेस में असंवेदनशील बयान देने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा और मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपए के बजाय 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देना शामिल है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की न्यायिक जांच और दोषियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलने तक संघर्ष सड़कों से लेकर संसद तक जारी रहेगा।

सत्ताधारी भाजपा सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल से मध्य प्रदेश पर पहले से ही 4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के व्यय में नया 60:40 अनुपात राज्य पर प्रति वर्ष 5,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ डालेगा। उन्होंने बताया कि सक्रिय मनरेगा श्रमिकों में से 90.5 प्रतिशत का ई-केवाईसी सत्यापन लंबित है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने इन नीतियों को मजदूर विरोधी बताया और कहा कि गरीबों को जानबूझकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

कांग्रेस इस कानून का विरोध करती है और मोदी सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग करती है। वह मनरेगा बचाओ अभियान को हर पंचायत से लेकर सड़कों तक तेज करेगी।

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