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मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की, केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Madhya Pradesh government demands increase in wheat procurement target, sends proposal to Centre

23 अप्रैल । मध्य प्रदेश सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत गेहूं खरीद के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। राज्य सरकार का कहना है कि इस बार गेहूं की पैदावार अच्छी होने के कारण खरीद मौजूदा लक्ष्य 7.8 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर केंद्र के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने लिखा कि बेहतर उत्पादन और बढ़ती खरीद को देखते हुए लक्ष्य बढ़ाने की मांग की गई है।

उन्होंने बताया कि शुरुआत में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कुछ दिक्कतें आई थीं लेकिन सरकार ने समय रहते पर्याप्त संख्या में बोरों की व्यवस्था कर ली। इनमें नए जूट बैग, पॉलीप्रोपाइलीन (पीपी) बैग और रिसाइकिल किए गए गननी बैग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी भी तरह की कमी नहीं है और खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है।

राज्य में गेहूं खरीद की शुरुआत 9 अप्रैल से कुछ इलाकों में हुई थी, जिसे 15 अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू किया गया। इसके बाद खरीद केंद्रों पर तेजी आई है।

इस साल किसानों को प्रति क्विंटल 2,625 रुपए का भुगतान किया जा रहा है, जिसमें 2,585 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और 40 रुपए प्रति क्विंटल का राज्य सरकार का बोनस शामिल है। इस आकर्षक कीमत के कारण बड़ी संख्या में किसान खरीद प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल से करीब 3 लाख अधिक है। अब तक 2,21,455 किसानों से 95.17 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

कुल खरीदे गए गेहूं में से 75 लाख क्विंटल का परिवहन हो चुका है। वहीं, 1,06,055 किसानों को उनकी उपज के बदले 1,091.33 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

इसके अलावा 6,24,235 किसानों ने 2.62 करोड़ क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं। स्लॉट बुकिंग 30 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। राज्य में कुल 3,171 खरीद केंद्र बनाए गए हैं और प्रति केंद्र प्रतिदिन 2,250 क्विंटल की स्लॉट बुकिंग क्षमता तय की गई है।

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