मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रेत माफियाओं ने 20 मार्च को वन विभाग की टीम पर हमला किया था। इस मामले पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने प्रतिक्रिया दी है।
मुरैना में रेत माफिया द्वारा वन विभाग की टीम पर हमले को लेकर कांग्रेस नेता हेमंत कटारे ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें एक आईपीएस अधिकारी पर हमला तक हुआ था, जो राष्ट्रीय सुर्खियों में आया था। मध्य प्रदेश की बड़ी बदनामी हुई थी कि कैसे रेत माफिया पुलिस प्रशासन और वन विभाग पर हावी है। गुरुवार की घटना भी यही दिखाती है कि ये माफिया न वन विभाग और पुलिस विभाग को कुछ समझते हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इन रेत माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। जो लोग सरकार में ऊंचे पदों पर बैठे हैं, अगर वे चाहें तो इन माफियाओं को चंद घंटों में ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। इसका कारण यह है कि सरकारी तंत्र के जरिए इनका पैसा ऊपर तक पहुंचता है। इसलिए ये माफिया इतने दमदारी से कहते हैं कि वे न पुलिस को गिनेंगे न वन विभाग को। सरकार को विचार करना चाहिए कि वह अपने विभागों के साथ है या माफियाओं के साथ है।
बता दें कि गुरुवार को वन विभाग की गेम रेंज अंबाह की टीम ने बरेह गांव के पास चंबल रेत का परिवहन करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा था। इसके बाद टीम ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने साथ अंबाह ला रही थी। इस बीच रास्ते में रेत माफियाओं ने ट्रैक्टर के सामने अपनी बाइक गिराकर टीम को रोका और फिर वनकर्मियों पर हमला कर जब्त किया गया ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए थे। विरोध करने पर वनकर्मियों के साथ उन्होंने गाली-गलौज भी की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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