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मध्य प्रदेश : अमानक बीज मामले में शिवराज चौहान की सख्ती, कंपनी पर एफआईआर दर्ज

Madhya Pradesh: Shivraj Chauhan takes strict action in substandard seeds case, FIR registered against the company

17 अप्रैल । नई दिल्ली में मध्य प्रदेश के धार और खरगोन के किसानों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर उनके सामने करेला की फसल में अमानक बीज और रोपे से हुए भारी नुकसान का मामला रखा।

इस पर शिवराज सिंह ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार मानते हुए तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के निर्देशों के बाद मामले में तेज कार्रवाई हुई और धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी, नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिस कंपनी की भूमिका इस पूरे मामले में सामने आई है, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इन निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई और मनावर थाना, जिला धार में एफआईआर क्रमांक 266 दर्ज की गई। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराएं 3 व 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। प्राथमिकी में नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है।

किसानों की शिकायत है कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से संबंधित इस कंपनी के बीज और रोपे खरीदे थे, लेकिन बुआई और रोपण के बाद करेला फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ और फल छोटे, पीले होकर गिरने लगे। फसल उत्पादन में आई भारी गिरावट के बाद किसानों ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि अमानक बीज एवं अमानक बीज से तैयार रोपे किसानों को प्रमाणिक बताकर बेचे गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के निर्देश पर इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए वैधानिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई और जांच आगे बढ़ाई गई है। साथ ही, करेला के अमानक बीज रूबासटा किस्म प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए हैं।

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